दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खत्म हुआ टोल बूथ का इंतजार, अब बिना रुके कटेगा टोल
दिल्ली और जयपुर के बीच सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए 1 अगस्त 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर गुरुग्राम से जयपुर तक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्थान-हरियाणा सीमा पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर बैरियर हटा दिए गए हैं। अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और FASTag के जरिए टोल राशि स्वतः कट जाएगी।
शाहजहांपुर टोल प्लाजा भी हुआ बैरियर-फ्री
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुग्राम से जयपुर तक लगभग 270 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को पूरी तरह फ्री-फ्लो टोलिंग प्रणाली में शामिल कर दिया है। इससे पहले मनोहरपुरा और दौलतपुर टोल प्लाजा पर यह तकनीक लागू हो चुकी थी, जबकि शाहजहांपुर इस परियोजना की अंतिम कड़ी था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हाईवे पर अब पारंपरिक टोल बैरियर नहीं रहेंगे, जिससे वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।
क्या है MLFF टोलिंग सिस्टम और कैसे करेगा काम?
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम में हाईवे के ऊपर विशेष गेंट्री लगाए गए हैं, जिन पर RFID रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगे हैं। जैसे ही कोई वाहन इन गेंट्री के नीचे से गुजरता है, उसका FASTag और वाहन नंबर स्वतः स्कैन हो जाता है। इसके बाद लिंक बैंक खाते से टोल राशि स्वतः कट जाती है और वाहन चालक के मोबाइल पर भुगतान का संदेश पहुंच जाता है। पूरी प्रक्रिया बिना वाहन रोके कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है।
यात्रियों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
नई व्यवस्था लागू होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के रुकने-चलने से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। जयपुर, कोटपूतली, बहरोड़, नीमराणा, शाहजहांपुर और अलवर के नियमित यात्रियों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी पहले की तुलना में अधिक तेज और सुचारु होगी।
FASTag में बैलेंस रखना होगा जरूरी
NHAI ने वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले अपने FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करने की सलाह दी है। यदि FASTag निष्क्रिय, अमान्य या कम बैलेंस वाला पाया जाता है तो सिस्टम वाहन का रिकॉर्ड दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी करेगा। ऐसे मामलों में वाहन मालिक को निर्धारित समय के भीतर बकाया टोल राशि जमा करनी होगी। इससे डिजिटल टोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
72 घंटे में भुगतान नहीं किया तो लगेगी अतिरिक्त पेनल्टी
नई व्यवस्था के तहत यदि इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर बकाया टोल का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित वाहन पर अतिरिक्त शुल्क या दोगुना टोल लगाया जा सकता है। यदि FASTag काम नहीं करता है तो ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट के आधार पर उसकी पहचान कर बकाया राशि वाहन के रिकॉर्ड से जोड़ देंगे। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
देशभर में लागू होगी फ्री-फ्लो टोलिंग व्यवस्था
केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर MLFF टोलिंग सिस्टम लागू कर रही है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक चार लेन और उससे अधिक चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों को बैरियर-फ्री टोलिंग व्यवस्था से जोड़ना है। इससे टोल संग्रह की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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