नागौर युवक मौत मामला: किसान हिरासत में, पुलिस कार्रवाई पर उठे कई सवाल
राजस्थान के नागौर जिले में चोरी के संदेह में पकड़े गए एक युवक की मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उस किसान के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसके खेत पर युवक को पकड़ा गया था। वहीं किसान परिवार का दावा है कि युवक को सकुशल पुलिस के हवाले किया गया था और उसकी मौत बाद में पुलिस हिरासत के दौरान हुई। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई, समय-क्रम और बयान अब जांच के केंद्र में हैं।
चोरी के संदेह में पकड़ा गया था युवक
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार तड़के खजवाना क्षेत्र में स्थित एक ट्यूबवेल पर दो युवक कथित रूप से चोरी के इरादे से पहुंचे थे। खेत मालिक और उसके परिजनों ने एक युवक को पकड़ लिया, जबकि दूसरा मौके से भाग निकला। बाद में सूचना मिलने पर कुचेरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पकड़े गए युवक को अपने साथ ले गई। मृतक की पहचान धर्माराम (32) निवासी गोठड़ा, हाल निवासी नोखा चांदावता के रूप में हुई है। इसके बाद अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस और किसान परिवार के दावों में विरोधाभास
मामले में पुलिस और किसान परिवार के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। पुलिस का कहना है कि किसान ने कथित रूप से युवक के साथ मारपीट की थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। वहीं किसान परिवार का दावा है कि युवक को जीवित अवस्था में पुलिस को सौंपा गया था और पुलिस उसे अपने साथ ले गई थी। परिवार का कहना है कि यदि युवक की हालत गंभीर थी तो मौके पर ही किसान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यही विरोधाभास अब जांच का प्रमुख विषय बन गया है।
मौत के समय और अस्पताल पहुंचने में देरी पर सवाल
घटनास्थल से कुचेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी लगभग 18 किलोमीटर बताई जा रही है, लेकिन युवक को अस्पताल पहुंचाने में करीब साढ़े तीन घंटे लगने के दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न पुलिस अधिकारियों और अस्पताल रिकॉर्ड में दर्ज समय में भी अंतर सामने आया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक को पहले मोर्चरी ले जाने की कोशिश की गई, बाद में इमरजेंसी वार्ड में जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इन परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
परिजनों की शिकायत पर किसान के खिलाफ मामला दर्ज
मृतक के चाचा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेत मालिक ने फोन कर बताया था कि युवक को पकड़ लिया गया है और उसके साथ मारपीट की जा रही है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित किसान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच से साफ होगी मौत की असली वजह
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक की मौत कथित मारपीट के कारण हुई या पुलिस हिरासत में उसकी तबीयत बिगड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली, अस्पताल पहुंचने में हुई देरी और घटनास्थल से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक के समय-क्रम की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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