#राज्य-शहर

सरिस्का टाइगर रिजर्व की कहानी पहुंचेगी बड़े पर्दे पर, बनेगी विशेष फिल्म

सरिस्का टाइगर रिजर्व पर बनने वाली विशेष वाइल्डलाइफ फिल्म

अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बाघ पुनर्स्थापना के 18 वर्ष पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की कि सरिस्का के जंगलों, बाघों और संरक्षण की सफलता की कहानी पर विशेष फिल्म बनाई जाएगी। यह फिल्म देश-दुनिया के सामने सरिस्का की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को प्रस्तुत करेगी।

सरिस्का पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री फिल्म

राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिन ‘मछली’ की तरह अब सरिस्का टाइगर रिजर्व पर भी एक विशेष फिल्म तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ सिनेमैटोग्राफर और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता नल्लामुथु को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिल्म में सरिस्का के प्राकृतिक सौंदर्य, बदलते मौसम, वन्यजीवों और बाघों के जीवन चक्र को विस्तार से दिखाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अगले दो वर्षों में यह परियोजना पूरी होने की संभावना है।

18 वर्षों में बदली सरिस्का की तस्वीर

कार्यशाला में सरिस्का टाइगर रिजर्व की संरक्षण यात्रा को बड़ी उपलब्धि बताया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब सरिस्का में एक भी बाघ नहीं बचा था, लेकिन लगातार संरक्षण प्रयासों और वैज्ञानिक प्रबंधन के कारण आज यहां बाघों की संख्या बढ़कर 56 तक पहुंच चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष के अंत तक यह संख्या 60 के पार हो सकती है और भविष्य में 100 बाघों का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

वन संरक्षण पर सरकार का फोकस

कार्यक्रम में वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भी सरकार की योजनाओं पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) का दायरा काफी बढ़ाया गया है, जिससे वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।

सरिस्का को मिलेगा नया वैश्विक मंच

विशेषज्ञों का मानना है कि सरिस्का पर बनने वाली फिल्म से इस टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी। इससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही यह फिल्म सरिस्का के संरक्षण मॉडल को दुनिया के सामने एक सफल उदाहरण के रूप में पेश करेगी।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *