रामगढ़ के निजी स्कूल संचालकों ने CBEO पर लगाए गंभीर आरोप, शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अलवर जिले के रामगढ़ ब्लॉक में निजी विद्यालय संचालकों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संचालकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम रामगढ़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ब्लॉक के सभी निजी विद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जा सकते हैं।
शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
रामगढ़ ब्लॉक के निजी विद्यालय संचालकों ने सोमवार को एसडीएम सुभाष यादव को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। ज्ञापन में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्राम गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की गई है। संचालकों का आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा विभिन्न मामलों में अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
टीसी जारी करने के मुद्दे पर जताई आपत्ति
ज्ञापन में एक निजी विद्यालय का उदाहरण देते हुए संचालकों ने कहा कि फीस बकाया होने के बावजूद छात्रा का स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि निजी विद्यालयों का पूरा संचालन विद्यार्थियों की फीस पर निर्भर करता है। ऐसे में यदि फीस जमा हुए बिना टीसी जारी करने के लिए दबाव बनाया जाएगा तो विद्यालयों की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित होगी।
निजी स्कूलों ने रखी अपनी दलील
निजी विद्यालय संचालकों का कहना है कि उन्हें सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिलती। शिक्षकों का वेतन, विद्यालय संचालन और अन्य खर्च विद्यार्थियों की फीस से ही पूरे किए जाते हैं। उनका कहना है कि नियमों के अनुरूप ही सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर सभी निजी विद्यालय संचालकों ने एकजुट होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई है।
समाधान नहीं होने पर स्कूल बंद करने की चेतावनी
निजी विद्यालय संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो रामगढ़ ब्लॉक के सभी गैर सरकारी विद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जा सकते हैं। ज्ञापन के दौरान स्कूल शिक्षा परिवार के पदाधिकारियों सहित कई विद्यालय संचालक मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।