देश का पहला 160 किमी प्रति घंटे वाला रेलवे ट्रैक तैयार, दिल्ली-मुंबई रूट पर कोटा में नई रफ्तार का आगाज
भारतीय रेलवे ने हाई स्पीड ट्रेन संचालन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग का 549 किलोमीटर लंबा हिस्सा 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। यह देश का पहला ऐसा रेलवे ट्रैक है, जिसे आधुनिक तकनीक, कवच 4.0 सुरक्षा प्रणाली और हाई स्पीड संचालन के मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। रेलवे की अंतिम मंजूरी के बाद इस ट्रैक पर 160 की स्पीड से ट्रेनें दौड़ सकेंगी, जिससे दिल्ली-मुंबई यात्रा के समय में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
कोटा बना देश का पहला हाई स्पीड रेलवे ट्रैक सेंटर
कोटा रेल मंडल में मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ट्रैक को हाई स्पीड संचालन के लिए तैयार किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं और अब मुख्य संरक्षा आयुक्त से अनुमति मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद इस सेक्शन पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा। यह देश का सबसे लंबा ऐसा रेल सेक्शन होगा, जिसे इस गति के लिए तैयार किया गया है।
ट्रैक, ओएचई और सुरक्षा प्रणाली में किए गए बड़े बदलाव
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार हाई स्पीड ट्रेन संचालन के लिए ट्रैक को मजबूत और सुरक्षित बनाया गया है। ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा स्वदेशी ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम यानी कवच 4.0 को भी लगाया गया है। रेलवे ने ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग और बाउंड्री का निर्माण किया है, ताकि मवेशियों और वन्यजीवों के ट्रैक पर आने की घटनाओं को रोका जा सके।
549 किलोमीटर ट्रैक पर पूरा हुआ काम, 2665 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च
मिशन रफ्तार के तहत कोटा से नागदा के बीच हाई स्पीड ट्रैक तैयार करने में करीब 2665 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कोटा रेल मंडल के 549 किलोमीटर हिस्से में लगभग सभी जरूरी काम पूरे कर लिए गए हैं। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग को कुल करीब 1384 किलोमीटर तक 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के लिए विकसित किया जा रहा है। इसमें दिल्ली, आगरा, कोटा, रतलाम और मुंबई समेत कई रेल मंडल शामिल हैं।
राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों से होगी शुरुआत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में उन्हीं ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा, जिनमें एलएचबी कोच लगे हैं। इनमें राजधानी एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनें शामिल हैं। बाद में अन्य ट्रेनों को भी हाई स्पीड संचालन में शामिल किया जाएगा। रेलवे का लक्ष्य धीरे-धीरे सभी प्रमुख ट्रेनों की यात्रा गति बढ़ाना है, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।
दिल्ली-मुंबई सफर में 2 से 3 घंटे तक की कमी संभव
वर्तमान में दिल्ली से मुंबई के बीच प्रीमियम ट्रेनें लगभग 15 से 16 घंटे का समय लेती हैं, जबकि कुछ अन्य ट्रेनें 20 घंटे से अधिक समय लेती हैं। हाई स्पीड ट्रैक शुरू होने के बाद राजधानी, तेजस और अन्य तेज रफ्तार ट्रेनों का सफर घटकर करीब 12 से 13 घंटे तक आ सकता है। कोटा रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में भी लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक समय की बचत होने की संभावना है।
कवच 4.0 से लैस देश का पहला रेलवे सेक्शन
कोटा रेल मंडल में मथुरा से नागदा के बीच 549 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर कवच 4.0 सिस्टम लगाया गया है। यह देश का पहला ऐसा रेलवे सेक्शन है, जहां आधुनिक सुरक्षा प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया गया है। इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन का 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का परीक्षण भी किया जा चुका है। रेलवे ने 87 से अधिक इलेक्ट्रिक इंजनों में ऑन-बोर्ड कवच सिस्टम और 130 से ज्यादा कवच टावर लगाए हैं।
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ट्रैक को सीधा कर हटाए गए स्पीड प्रतिबंध
हाई स्पीड संचालन के लिए रेलवे ने ट्रैक की ज्योमेट्री में भी सुधार किया है। कई स्थानों पर घुमाव कम किए गए हैं और कमजोर हिस्सों को मजबूत बनाया गया है। पुराने पुलों को भी अपग्रेड किया गया है। रेलवे क्रॉसिंग और मैनुअल फाटकों को हटाकर उनकी जगह रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं। इससे तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा बढ़ेगी।
सेंसर और मॉनिटरिंग सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा
रेलवे ने इस रूट पर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की है। ओएमआरएस (Online Monitoring of Rolling Stock System) के जरिए ट्रैक और ट्रेन की तकनीकी खामियों की पहचान की जा सकेगी। हॉट बॉक्स डिटेक्टर सिस्टम से इंजन और कोच में होने वाली खराबी का पता समय रहते लगाया जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी और ट्रेन संचालन ज्यादा सुरक्षित होगा।
देश में पहली बार 160 की रफ्तार के लिए तैयार लंबा रेल सेक्शन
भारतीय रेलवे में इससे पहले कुछ हिस्सों पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चली हैं, लेकिन वर्तमान में कई जगह गति सीमित कर दी गई है। अब कोटा रेल मंडल का यह 549 किलोमीटर लंबा सेक्शन आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों के साथ तैयार किया गया है। रेलवे की अनुमति के बाद यह देश में हाई स्पीड रेल संचालन के नए दौर की शुरुआत कर सकता है।
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