फिलिस्तीन ने भारत की मानवीय सहायता की सराहना की, UNRWA को समर्थन पर जताया आभार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और गाजा मानवीय संकट के बीच भारत की ओर से फिलिस्तीन के लिए बढ़ाई गई सहायता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी UNRWA को भारत के निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम मानवीय मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बीच भारत ने फिलिस्तीन के लिए अतिरिक्त मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की है।
UNRWA को भारत के सहयोग पर फिलिस्तीन ने जताया आभार
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शावेश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) को कई देशों से वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत की ओर से जारी सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, भारत का समर्थन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय प्रयासों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
भारत ने दोहराया दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर फिलिस्तीन से जुड़े अपने पारंपरिक रुख को दोहराते हुए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया है। भारत का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान से ही निकल सकता है। साथ ही भारत ने फिलिस्तीन की संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता संबंधी दावेदारी के समर्थन की भी पुष्टि की है। भारत लंबे समय से इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संतुलित कूटनीतिक संबंध बनाए रखने की नीति अपनाता रहा है।
फिलिस्तीन के लिए नई विकास परियोजनाओं की घोषणा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में फिलिस्तीन के लिए अतिरिक्त मानवीय सहायता की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत फिलिस्तीन में एक स्पेशियलिटी अस्पताल, कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक) केंद्र और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान (Vocational Training Institute) स्थापित करने में सहयोग देगा। भारत का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य फिलिस्तीनी नागरिकों के स्वास्थ्य, पुनर्वास और कौशल विकास को मजबूत करना है।
UNRWA की भूमिका पर बनी हुई है वैश्विक चर्चा
UNRWA संयुक्त राष्ट्र की वह एजेंसी है, जो पश्चिम एशिया में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, राहत और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराती है। हाल के वर्षों में एजेंसी की फंडिंग को लेकर कई देशों में अलग-अलग रुख देखने को मिला है। ऐसे समय में भारत ने एजेंसी के प्रति अपना सहयोग जारी रखने की बात कही है। भारत का कहना है कि मानवीय सहायता राजनीति से ऊपर होनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
संतुलित विदेश नीति पर कायम है भारत
भारत की विदेश नीति लंबे समय से इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने पर आधारित रही है। एक ओर भारत इजरायल के साथ रणनीतिक और रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर फिलिस्तीन के लिए मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं को भी जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही संतुलित दृष्टिकोण भारत की वैश्विक कूटनीतिक पहचान को मजबूत करता है।
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