#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर #सोशल #हेल्थ न्यूज़

SKMCH में ‘ब्लड घोटाला’ का शक: 15 लोगों ने किया रक्तदान, रिकॉर्ड में सिर्फ 8 यूनिट दर्ज….

🚨 सिटी SP समेत कई लोगों ने किया था डोनेशन, 7 यूनिट खून हुआ गायब!

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में रक्तदान शिविर की आड़ में गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। 18 नवंबर को थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए लगाए गए रक्तदान शिविर में 15 लोगों ने रक्तदान किया था, लेकिन अस्पताल के ब्लड बैंक रिकॉर्ड में सिर्फ 8 यूनिट खून दर्ज मिला। अब 7 यूनिट खून के गायब होने से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।


👮‍♂ सिटी SP समेत पुलिसकर्मियों ने भी किया था रक्तदान

इस शिविर का आयोजन एजुकेशनल सोसाइटी NGO की ओर से किया गया था। शिविर के संचालक दिव्यांश मल्होत्रा के अनुसार, सिटी एसपी कोटा कुमार किरण समेत कई पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने रक्तदान किया। कुल 15 लोगों ने खून दिया था, लेकिन आधिकारिक सूची में केवल 8 डोनर ही दर्ज हैं।


📋 ब्लड बैंक की लिस्ट में बड़ी विसंगति

SKMCH के ब्लड बैंक द्वारा जब डोनर लिस्ट जारी की गई, तो उसमें सिर्फ 8 लोगों के नाम सामने आए। इससे यह सवाल खड़ा हो गया कि बाकी 7 यूनिट रक्त आखिर गया कहां? क्या वह खून जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचा या फिर किसी और रास्ते से बाहर चला गया?


📞 रजिस्टर में गलत मोबाइल नंबर, शक और गहराया

SKMCH की सुपरिटेंडेंट विभा कुमारी ने माना कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि

  • 8 लोगों ने ‘ब्लड डोनेशन’ किया
  • 7 लोगों ने ‘ब्लड रिप्लेसमेंट’ के तहत रक्त दिया

लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि रक्तदान रजिस्टर में कई लोगों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज हैं। इस लापरवाही ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।


🏛 प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी

मामले की जानकारी मिलते ही NGO की ओर से जिला प्रशासन और मुजफ्फरपुर पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार ने साफ कहा है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


🔍 क्या फिर चल रहा है खून की कालाबाजारी का खेल?

SKMCH पहले भी खून की कालाबाजारी को लेकर विवादों में रह चुका है। अब एक बार फिर 7 यूनिट खून के गायब होने से यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं रक्तदान जैसे पवित्र कार्य को अवैध कमाई का जरिया तो नहीं बनाया जा रहा। अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो यह मामला पूरे स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी सच्चाई उजागर कर सकता है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *