देवखेड़ा और खुदनपुरी स्कूलों में 14 दिवसीय समर कैंप का सफल समापन
आर.डी.एन.सी. मित्तल फाउंडेशन द्वारा संचालित अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज ने अलवर जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवखेड़ा और खुदनपुरी में 17 से 30 जून तक 14 दिवसीय समर कैंप आयोजित किया। कैंप में विद्यार्थियों ने डांस, संगीत, थिएटर, ताइक्वांडो और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारा।
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर रहा विशेष जोर
समर कैंप का आयोजन प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक किया गया, जिसमें कक्षा 1 से 6 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और रचनात्मक विकास के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था। कैंप के दौरान बच्चों को सीखने के साथ मनोरंजक गतिविधियों से भी जोड़ा गया, जिससे उनकी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में रुचि बढ़ी।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने दिया विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण
कैंप में अनुभवी प्रशिक्षकों ने अलग-अलग क्षेत्रों का प्रशिक्षण दिया। जितेंद्र प्रताप ने डांस, आदित्य और यांशु ने संगीत (हारमोनियम, वोकल और कोंगो), देशराज मीणा और संदीप ने थिएटर की बुनियादी तकनीक, लवजीत सिंह ने ताइक्वांडो तथा योग एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को दिया। इन गतिविधियों ने बच्चों में रचनात्मकता, एकाग्रता और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
77 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, प्रवेशोत्सव में होगी प्रस्तुति
समर कैंप में देवखेड़ा विद्यालय के 32 और खुदनपुरी विद्यालय के 45 विद्यार्थियों सहित कुल 77 बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने पूरे शिविर के दौरान अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कैंप में तैयार की गई सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन जुलाई के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाले प्रवेशोत्सव में किया जाएगा, जहां अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को विद्यार्थियों की प्रतिभा देखने का अवसर मिलेगा।
हर शनिवार ‘नो बैग डे’ पर जारी रहेंगी गतिविधियां
अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज ने बच्चों के निरंतर सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार ‘नो बैग डे’ के अवसर पर सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है। संस्था का मानना है कि इस प्रकार की पहल बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।