गोविंदगढ़-सेमला रोड के उखड़ने की वजह आई सामने, विभागीय जांच में ओवरलोड हाईवा जिम्मेदार
अलवर जिले के गोविंदगढ़ में पिपली स्टैंड से सेमला रोड तक बनी करोड़ों रुपये की ग्रामीण सड़क के बार-बार क्षतिग्रस्त होने के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। आरएसआरडीसी के अधिकारियों ने सड़क की कोर कटिंग कर सैंपल लिए हैं। प्रारंभिक जांच में सड़क की क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले ओवरलोड हाईवा इसके प्रमुख कारण के रूप में सामने आए हैं।
कोर कटिंग कर लिए गए सड़क के नमूने
मंगलवार को राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (RSRDC) के सहायक अभियंता चित्रांशु बंसल ने सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों से कोर कटिंग के जरिए सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क की मौजूदा स्थिति का तकनीकी परीक्षण भी किया, ताकि बार-बार हो रही क्षति के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
70 से 80 टन भार वाले हाईवा बन रहे नुकसान की वजह
सहायक अभियंता चित्रांशु बंसल ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य यातायात को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। लेकिन वर्तमान में इस मार्ग से 70 से 80 टन तक भार लेकर ओवरलोड हाईवा लगातार गुजर रहे हैं। विशेष रूप से बारिश के दौरान सड़क की परतों के नीचे नमी आने से उसकी भार सहन क्षमता घट जाती है। ऐसे में क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले वाहनों के चलते सड़क उखड़ने और धंसने की समस्या पैदा हो रही है।
66.50 किमी सड़क में सिर्फ 2 किमी हिस्सा ही हुआ क्षतिग्रस्त
अधिकारियों के अनुसार पूरी सड़क की लंबाई 66.50 किलोमीटर है, लेकिन नुकसान केवल लगभग 2 किलोमीटर के हिस्से में ही हुआ है। शेष पूरा मार्ग अभी भी अच्छी स्थिति में है। विभाग का मानना है कि जिस हिस्से से लगातार ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं, उसी क्षेत्र में सबसे अधिक दबाव पड़ने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। इससे प्रारंभिक तौर पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को मुख्य वजह माना जा रहा है।
ठेकेदार ने ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग उठाई
सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार गोविंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बुर्जा की घाटी से लगातार भारी वाहनों के गुजरने की जानकारी सामने आई। उनका कहना है कि इसी मार्ग से ओवरलोड हाईवा लगातार सामग्री लेकर निकल रहे हैं, जिससे सड़क की स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं, हाईवा चालकों ने भी बताया कि वे पिछले तीन महीनों से बुर्जा की घाटी से माल गोविंदगढ़ रेलवे स्टेशन तक पहुंचा रहे हैं और प्रतिदिन इस मार्ग पर कई चक्कर लगाते हैं। इस बीच प्रशासन से ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठी है।