#देश दुनिया

होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध से पहले जैसे हालात नहीं लौटेंगे, ईरानी यूनियन चीफ का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद भले ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की तैयारी चल रही हो, लेकिन ईरानी मर्चेंट मरीन यूनियन का मानना है कि इस रणनीतिक जलमार्ग की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी। यूनियन प्रमुख सामन रेज़ाई ने कहा है कि युद्ध ने पुराने ढांचे और संचालन व्यवस्था को बदल दिया है, जिससे सामान्य स्थिति बहाल होने में लंबा समय लग सकता है।

शांति समझौते के बाद खुलने की तैयारी में होर्मुज स्ट्रेट

ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के प्रभाव इतनी जल्दी खत्म नहीं होंगे। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन को सामान्य स्तर पर लौटने में समय लग सकता है।

ईरानी मर्चेंट मरीन यूनियन प्रमुख ने जताई चिंता

ईरानी मर्चेंट मरीन यूनियन के प्रमुख सामन रेज़ाई ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले जैसी नहीं हो पाएगी। उनके अनुसार, समुद्री परिवहन की पुरानी व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है और अब नई परिस्थितियों के अनुरूप नई रणनीति और ढांचे की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी और भविष्य की व्यवस्था उसी आधार पर तय होगी।

युद्ध ने बदल दिया समुद्री परिवहन का ढांचा

सामन रेज़ाई के अनुसार, लंबे समय तक होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग माना जाता था, लेकिन संघर्ष के कारण उस व्यवस्था को झटका लगा है। अब जहाजों की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पुराने ढांचे को पूरी तरह बहाल करना आसान नहीं होगा और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय की आवश्यकता होगी।

सामान्य स्थिति में लौटने में लग सकता है लंबा समय

शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में पूरी तरह सामान्य हालात बहाल होने में कई सप्ताह, महीने या उससे अधिक समय भी लग सकता है। जहाजों की लंबी कतारें, क्रू मेंबर्स के बदलाव और उत्पादन व रिफाइनिंग क्षमता को दोबारा सामान्य स्तर पर लाने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। हालांकि क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन समुद्री गतिविधियों की पूर्ण बहाली एक लंबी प्रक्रिया मानी जा रही है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *