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एथेनॉल पेट्रोल वाले बयान पर घिरे यूट्यूबर सौरभ जोशी, सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

लोकप्रिय यूट्यूबर सौरभ जोशी अपने एक व्लॉग में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में आ गए हैं। उनकी कार की माइलेज से जुड़ी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस बीच उन्हें ट्रोल किया जा रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़े दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, ऐसी किसी जांच या छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एथेनॉल पेट्रोल पर बयान से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत सौरभ जोशी के एक व्लॉग से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी मर्सिडीज कार की माइलेज पहले की तुलना में काफी कम हो गई है और इसका कारण एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल हो सकता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गया। बाद में बताया गया कि संबंधित हिस्सा व्लॉग से हटा दिया गया, जिसके बाद विवाद और तेज हो गया।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

सौरभ जोशी के बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। कुछ यूजर्स ने उनके दावे का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने उनकी आलोचना करते हुए तकनीकी तथ्यों का हवाला दिया। कुछ पोस्ट में उन्हें ट्रोल किया गया और तीखी टिप्पणियां भी की गईं। हालांकि, सोशल मीडिया पर व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं और इन्हें आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता।

ऑटो एक्सपर्ट्स ने उठाए तकनीकी सवाल

ऑटोमोबाइल से जुड़े कई विशेषज्ञों और यूजर्स का कहना है कि प्रीमियम लग्जरी कारों के कुछ मॉडल के लिए निर्माता विशेष ग्रेड के ईंधन की सिफारिश करते हैं। उनका तर्क है कि यदि वाहन में अनुशंसित ईंधन का उपयोग नहीं किया जाए या अन्य तकनीकी कारण हों, तो माइलेज और प्रदर्शन प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल सौरभ जोशी या उनकी टीम की ओर से इस विषय पर कोई विस्तृत तकनीकी स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

संपत्ति को लेकर भी शुरू हुई चर्चाएं

इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर सौरभ जोशी की कथित संपत्ति को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ वायरल पोस्ट में उनकी संपत्ति के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे किए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही सौरभ जोशी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

ED की रेड के दावों की नहीं हुई पुष्टि

सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि सौरभ जोशी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अब तक किसी सरकारी एजेंसी या आधिकारिक स्रोत ने ऐसी किसी जांच, नोटिस या छापेमारी की पुष्टि नहीं की है। इसलिए ED से जुड़े सभी दावों को फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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