🇺🇸 अमेरिका में वीजा से पहले सोशल मीडिया जांच अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम
न्यूयॉर्क:
अमेरिका में वीजा प्रक्रिया को लेकर ट्रंप प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है। 15 दिसंबर से H-1B वीजा, उसके आश्रित H-4, और स्टूडेंट व एक्सचेंज विजिटर वीजा (F, M, J) के सभी आवेदकों की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी। इसके बिना वीजा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) ने साफ किया है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।
🔍 क्या बदला है नए नियम में?
नए आदेश के मुताबिक अब:
- H-1B और H-4 वीजा आवेदकों की भी सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच होगी
- पहले यह नियम सिर्फ F, M और J कैटेगरी (छात्र और एक्सचेंज विजिटर) तक सीमित था
- अब सभी प्रमुख नॉन-इमिग्रेंट वीजा कैटेगरी इसके दायरे में आ गई हैं
विदेश विभाग ने कहा कि
“हर आवेदक की ऑनलाइन मौजूदगी की समीक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए की जाएगी कि वह अमेरिका की सुरक्षा या हितों के लिए खतरा न बने।”
🔓 सोशल मीडिया प्रोफाइल करना होगा पब्लिक
नए निर्देशों के अनुसार:
- सभी वीजा आवेदकों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट ‘Public’ करने होंगे
- प्राइवेट प्रोफाइल होने पर वीजा प्रक्रिया रोक दी जा सकती है
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं
इसी वजह से भारत समेत कई देशों में H-1B इंटरव्यू रीशेड्यूल भी किए गए हैं।
❓ सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि:
- वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि विशेषाधिकार है
- हर आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह
- वीजा की शर्तों का पालन करेगा
- अमेरिका में किसी भी तरह की अवैध या राष्ट्रविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होगा
सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया किसी व्यक्ति की सोच, झुकाव और गतिविधियों को समझने का अहम जरिया है।
🚨 इमिग्रेशन पर बढ़ती सख्ती का हिस्सा
यह फैसला ट्रंप प्रशासन की कड़ी इमिग्रेशन नीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासतौर पर:
- H-1B वीजा प्रोग्राम में कथित दुरुपयोग रोकने के लिए
- भारतीय प्रोफेशनल्स, खासकर
- आईटी सेक्टर
- हेल्थकेयर और डॉक्टर
इस नियम से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं
📌 हाल के अन्य बड़े बदलाव
पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने कई सख्त फैसले लिए हैं:
- सितंबर में “Restriction on Entry of Certain Nonimmigrant Workers” प्रोक्लेमेशन जारी
- नए H-1B वीजा पर एक बार का शुल्क 1 लाख डॉलर तय
- 19 “संवेदनशील देशों” के नागरिकों के
- ग्रीन कार्ड
- नागरिकता
- इमिग्रेशन आवेदन पर रोक
- ट्रैवल बैन वाले देशों के लिए Asylum आवेदन भी होल्ड