सिरोही निकाय चुनाव: सभापति पद पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, आबूरोड से माउंट आबू तक ये चेहरे मैदान में
सिरोही जिले में निकाय चुनाव के बाद अब सभापति और चेयरमैन पदों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस की रितु जैन और भाजपा की पूजा माली के बीच सीधा मुकाबला है। परिषद में कांग्रेस के 23, भाजपा के 10 और दो निर्दलीय पार्षद हैं। वहीं आबूरोड नगरपालिका में भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए सिर्फ एक पार्षद के समर्थन की जरूरत है। माउंट आबू, मंदार और शिवगंज में भी भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। अब सभी की नजर नामांकन, समर्थन और अंतिम मतदान के समीकरण पर है।
सिरोही में रितु जैन और पूजा माली आमने-सामने
सिरोही नगर परिषद के सभापति पद के लिए कांग्रेस की ओर से वार्ड 25 की पार्षद रितु जैन ने नामांकन दाखिल किया है। भाजपा ने वार्ड 10 से निर्विरोध निर्वाचित पूजा माली को प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा प्रत्याशी पूजा माली अपने पति और समर्थकों के साथ रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंचीं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन की ओर से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नामांकन प्रस्तुत किया।
दोनों प्रमुख दलों की ओर से एक-एक नामांकन होने के बाद सभापति पद का मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस के 23 पार्षद, फिर भी नामांकन से क्यों बढ़ी चर्चा?
सिरोही नगर परिषद के 33 वार्डों में कांग्रेस के 23 पार्षद चुने गए हैं। भाजपा के 10 और दो निर्दलीय पार्षद हैं।
संख्या के लिहाज से कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है। इसलिए कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन की स्थिति मजबूत है। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों दलों की सक्रियता ने चुनावी गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
भाजपा के सामने मुख्य चुनौती अपने पार्षदों को एकजुट रखने की है। वहीं कांग्रेस के लिए भी बोर्ड गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूरा करना अहम होगा।
रितु जैन ने 59 वोट से जीता वार्ड 25
कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन वार्ड नंबर 25 से चुनाव जीतकर परिषद में पहुंची हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 59 मतों के अंतर से हराया।
रितु जैन पहली बार पार्षद बनी हैं। उन्होंने एमए तक शिक्षा हासिल की है और पति के व्यापार में भागीदारी करती हैं। उनके पति पुनीत जैन सिरोही कांग्रेस मंडल अध्यक्ष बताए गए हैं।
रितु जैन ने शहर की सफाई, सौंदर्यीकरण, सड़क और पेयजल को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने बोर्ड बनने पर सफाई व्यवस्था और खराब सड़कों को दुरुस्त करने की बात कही है।
पूजा माली वार्ड 10 से निर्विरोध चुनी गई थीं
भाजपा प्रत्याशी पूजा माली वार्ड नंबर 10 से निर्विरोध पार्षद चुनी गई थीं। वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर माली का आवेदन खारिज होने के बाद पूजा माली का निर्वाचन निर्विरोध हुआ था।
पूजा माली की उम्र 29 वर्ष है और उन्होंने बीए-बीएड किया है। वह पहली बार पार्षद बनी हैं और गृहिणी हैं।
उनके पति गोपाल माली भाजयुमो के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और पार्षद भी रहे हैं। पूजा माली ने सफाई, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता बताया है।
आबूरोड में BJP को सिर्फ एक पार्षद की जरूरत
आबूरोड नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की भावना अग्रवाल और कांग्रेस की ऊषा कुंवर के नाम सामने आए हैं। कांग्रेस की शोभा ने कांग्रेस प्रत्याशी के साथ निर्दलीय के रूप में भी नामांकन दाखिल किया है।
आबूरोड में भाजपा के 20, कांग्रेस के 16 और निर्दलीय 6 पार्षद हैं। बहुमत के लिए भाजपा को केवल एक और पार्षद के समर्थन की जरूरत है।
निर्दलीय पार्षदों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा के बीच भावना अग्रवाल की दावेदारी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि अंतिम स्थिति चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
आबूरोड में तीन महिला चेहरों की दावेदारी
भाजपा की भावना अग्रवाल 51 वर्ष की हैं और वार्ड 23 से पार्षद चुनी गई हैं। वह पहली बार पार्षद बनी हैं। होटल व्यवसाय से जुड़ी भावना अग्रवाल ने पेयजल, सड़क और शहर के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता बताया है।
कांग्रेस की ऊषा कुंवर 29 वर्ष की हैं और वार्ड 36 से चुनी गई हैं। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने और वार्ड स्तर पर शिविर लगाने की बात कही है।
शोभा वार्ड 10 से पार्षद बनी हैं। उन्होंने कांग्रेस और निर्दलीय दोनों के रूप में नामांकन दाखिल किया है। उनका लक्ष्य नगरपालिका को विकास के मामले में मॉडल बनाना बताया गया है।
माउंट आबू में सुनील आचार्य और यश शर्मा आमने-सामने
माउंट आबू नगरपालिका में भाजपा की ओर से सुनील आचार्य और कांग्रेस की ओर से यश शर्मा ने चेयरमैन पद के लिए नामांकन किया है।
भाजपा प्रत्याशी सुनील आचार्य 60 वर्ष के हैं और वार्ड 4 से निर्वाचित हुए हैं। वह 1994 में पहली बार पार्षद बने थे और लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ मैदान में हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी यश शर्मा 31 वर्ष के हैं। वह वार्ड 19 से चुने गए हैं और बीएससी तक पढ़े हैं। दोनों प्रत्याशियों ने माउंट आबू के विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बताया है।
मंदार में कांग्रेस और BJP के प्रत्याशी
मंदार नगरपालिका में कांग्रेस ने मफतलाल बुनकर को प्रत्याशी बनाया है। वह वार्ड 12 से निर्वाचित हुए हैं और मंदार कांग्रेस मंडल अध्यक्ष हैं।
भाजपा की ओर से प्रागाराम ने नामांकन दाखिल किया है। वह वार्ड 6 से पार्षद चुने गए हैं और पहले पंचायत समिति सदस्य रह चुके हैं।
मफतलाल बुनकर ने सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों को प्राथमिकता बताया है। वहीं प्रागाराम ने मूलभूत सुविधाओं और आमजन की समस्याओं के समाधान पर जोर देने की बात कही है।
शिवगंज में अनुभवी कुंदनमल के सामने राजेश सोनी
शिवगंज नगरपालिका में भाजपा ने 68 वर्षीय कुंदनमल अग्रवाल को चेयरमैन पद का प्रत्याशी बनाया है। वह वार्ड 14 से निर्वाचित हुए हैं और करीब तीन दशक से राजनीति में सक्रिय बताए जाते हैं।
कांग्रेस ने राजेश सोनी को प्रत्याशी बनाया है। राजेश सोनी की उम्र 52 वर्ष है। उन्होंने वार्ड 35 से चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्षद का चुनाव नहीं जीत सके।
दोनों प्रत्याशियों ने शहर के विकास को प्राथमिकता बताया है। शिवगंज में अब अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
सभापति चुनाव में अब समर्थन और मतदान पर नजर
सिरोही जिले के निकायों में नामांकन प्रक्रिया के बाद अब सभी की नजर पार्षदों के समर्थन और अंतिम मतदान पर है। सिरोही में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि आबूरोड में भाजपा बहुमत के करीब है।
माउंट आबू, मंदार और शिवगंज में भी भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्षदों की रणनीति, दलों के भीतर एकजुटता और नामांकन वापसी के बाद की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।