5 महीने में पैसा डबल! चांदी ने बनाया रिकॉर्ड, सोने ने भी कराई जबरदस्त कमाई
अगर किसी निवेश ने 2025 में निवेशकों को सबसे ज्यादा चौंकाया है, तो वह चांदी है. महज 5 महीनों में चांदी की कीमत दोगुनी हो गई, जबकि सोने ने भी सालभर में शानदार रिटर्न दिया. बैंक एफडी जहां सालों में पैसा बढ़ाती है, वहीं कीमती धातुओं ने कुछ ही महीनों में निवेशकों को मालामाल कर दिया.
🟡 चांदी ने कैसे किया पैसों को डबल?
23 जुलाई 2025 को चांदी 1.18 लाख रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी. उस समय भी जिन्होंने निवेश किया, वे आज जबरदस्त मुनाफे में हैं.
27 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत 2.36 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई, यानी सिर्फ 5 महीनों में दाम लगभग दोगुना हो गया.
🟡 सालभर में चांदी ने कितना रिटर्न दिया?
31 दिसंबर 2024 को चांदी का भाव 89,700 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 2.36 लाख रुपये से ज्यादा हो चुका है.
इस दौरान चांदी में करीब 1,46,650 रुपये यानी 163.5% की तेजी दर्ज की गई.
➡️ निवेश का गणित
- 5 लाख रुपये → करीब 13.17 लाख रुपये
- 10 लाख रुपये → 26.3 लाख रुपये से ज्यादा
🟡 सिर्फ 4 कारोबारी सत्रों में रिकॉर्ड उछाल
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत महज 4 कारोबारी सत्रों में 32,250 रुपये (15.8%) बढ़ गई.
- 19 दिसंबर: 2,04,100 रुपये/किलो
- 23 दिसंबर: 2,27,000 रुपये/किलो
- 27 दिसंबर: 2,36,350 रुपये/किलो (रिकॉर्ड)
इतनी तेज रफ्तार ने बाजार में हलचल मचा दी.
🟡 सोने ने भी नहीं किया निराश
चांदी के साथ-साथ सोने ने भी निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया.
24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
31 दिसंबर 2024 को सोना 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था, यानी अब तक इसमें
➡️ 63,350 रुपये या 80.24% की तेजी आ चुकी है.
🟡 एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक,
“कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला जारी है और सोना-चांदी दोनों नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं.”
मीराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है,
“फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और वैश्विक बाजारों के सकारात्मक माहौल से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल रहा है. साल के अंत में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण उतार-चढ़ाव भी ज्यादा है.”
🟡 विदेशी बाजारों में भी चांदी का जलवा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी ने इतिहास रच दिया.
हाजिर चांदी पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई और
➡️ 5.18% की तेजी के साथ 75.63 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार किया.
2025 में चांदी ने रिटर्न के मामले में लगभग हर निवेश विकल्प को पीछे छोड़ दिया है. महंगाई, ब्याज दरों की अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक हालात ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा, जहां चांदी और सोना सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे. आने वाले समय में इन धातुओं में उतार-चढ़ाव जरूर रहेगा, लेकिन निवेशकों की नजर अब भी इन्हीं पर टिकी है.