NEET पेपर लीक पर राहुल गांधी का हमला, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना नहीं, पद से हटाना जरूरी’
NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दूसरे मंत्रालय में भेजने पर चर्चा हो रही है, लेकिन उनका कहना है कि केवल मंत्रालय बदलना समाधान नहीं है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग की।
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को हटाने की उठाई मांग
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सरकार के भीतर से ऐसी जानकारी मिल रही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों के हित में गंभीर है तो केवल मंत्रालय बदलने के बजाय शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
छात्रों के समर्थन में कांग्रेस
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ सख्ती की गई और कई छात्रों को चोटें आईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था और NTA पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे। राहुल गांधी का कहना था कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, इसलिए सरकार को ठोस सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
पांचवें सप्ताह में पहुंचा छात्र आंदोलन
NEET-UG पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश करने वाला है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। इस बीच सरकार और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का एक और दौर प्रस्तावित है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए कानून को और सख्त करने तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में प्रशासनिक बदलाव जैसे कदम उठाए गए हैं।
सरकार और विपक्ष के बीच जारी है राजनीतिक टकराव
पेपर लीक विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष का कहना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वहीं सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली वार्ता पर सभी की नजर बनी हुई है।