सीकर भागवत कथा में अलवर की 8 महिलाएं गिरफ्तार, चेन स्नेचिंग की आशंका में पुलिस ने पकड़ा
सीकर। सालासर रोड स्थित एक गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पुलिस ने अलवर की आठ महिलाओं को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार महिलाएं कथा परिसर में संदिग्ध गतिविधियां करती हुई नजर आई थीं। पुलिस ने निगरानी के बाद उन्हें भीड़ के बीच से पकड़ा। पुलिस का कहना है कि कथा में पहले चेन स्नेचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी थीं। इसी वजह से परिसर के आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नजर
सीकर कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार इंद्रेश उपाध्याय की श्रीमद् भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। कथा परिसर और आसपास सादे कपड़ों में जवानों को भी तैनात किया गया था।मंगलवार को पुलिस की नजर आठ महिलाओं की गतिविधियों पर गई। पुलिस के मुताबिक महिलाएं भीड़ के बीच संदिग्ध तरीके से घूम रही थीं। इसके बाद पुलिस ने उनकी निगरानी की और सभी को पकड़ लिया।
BNSS की धारा 170 के तहत कार्रवाई
थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ के अनुसार महिलाओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने बुधवार को सभी महिलाओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। इसके साथ ही पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई को चेन स्नेचिंग की आशंका से जोड़कर जांच कर रही है।
सभी महिलाएं अलवर के एक ही इलाके की रहने वाली
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मोनू, भारती, कविता, रजनी, सीमा, सोनिया, पूजा और बीना के रूप में हुई है। उनकी उम्र करीब 23 से 60 वर्ष के बीच बताई गई है।पुलिस के मुताबिक सभी महिलाएं अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र की 60 फीट रोड इलाके की रहने वाली हैं। एक ही क्षेत्र से आठ महिलाओं के एक साथ कथा स्थल पर मिलने के बाद पुलिस उनकी गतिविधियों और आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है।
चेन स्नेचिंग के पुराने मामलों से भी मिलान
पुलिस के अनुसार कथा स्थल पर पहले चेन स्नेचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी कारण इस बार पुलिस ने भीड़ में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी।अब पुलिस कथा परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। फुटेज में महिलाओं की मौजूदगी और गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन महिलाओं का पहले हुई किसी चेन स्नेचिंग की घटना से संबंध है।
कुछ सेकंड में वारदात करने का तरीका
पुलिस के अनुसार भीड़भाड़ वाले आयोजनों में चेन स्नेचिंग करने वाले गिरोह अक्सर समूह में काम करते हैं। आमतौर पर दो या तीन महिलाएं किसी व्यक्ति को निशाना बनाती हैं।पुलिस के मुताबिक भीड़ में घेरकर कुछ ही सेकंड में सोने की चेन या अन्य आभूषण चोरी किए जा सकते हैं। इसके बाद आरोपी भीड़ में शामिल होकर वहां से निकलने की कोशिश करते हैं। हालांकि गिरफ्तार महिलाओं ने वास्तव में किसी चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दिया था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रैलियों और दूसरे आयोजनों से भी जुड़े रिकॉर्ड की जांच
सीकर पुलिस अब इन महिलाओं की गतिविधियों को लेकर पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या किसी अन्य जिले में आयोजित रैली, सभा, धार्मिक कार्यक्रम या दूसरे भीड़भाड़ वाले आयोजन में चेन स्नेचिंग की घटनाओं से उनका कोई संबंध रहा है।CCTV फुटेज, पुलिस रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही महिलाओं के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
कथा स्थलों पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता
घटना के बाद धार्मिक आयोजनों में भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पुलिस के सामने जेबतराशी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को रोकने की चुनौती रहती है।फिलहाल सीकर पुलिस का फोकस CCTV फुटेज और महिलाओं की पूर्व गतिविधियों की जांच पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तार महिलाओं का चेन स्नेचिंग की किसी वारदात से प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।