बीकानेर में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर से की मारपीट
बीकानेर। शहर के एक निजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने हंगामा कर दिया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ. तनवीर मालावत के साथ मारपीट कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर डॉक्टर को बचाया।मृतका की पहचान हंसेरा निवासी रुकसाना बानो पत्नी इकबाल उस्ता के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रुकसाना दो दिन पहले पित्त की थैली में पथरी की शिकायत के चलते निजी अस्पताल लाई गई थी। उनका दावा है कि वह खुद चलकर अस्पताल पहुंची थी।
पथरी के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
मृतका के भांजे मोनू उस्ता के अनुसार, अस्पताल में जांच के बाद रुकसाना का ऑपरेशन किया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के जरिए पथरी निकाल दी गई थी।परिजनों के मुताबिक, मंगलवार से चिकित्सक मरीज की हालत गंभीर बता रहे थे। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। बुधवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।हालांकि, मरीज की मौत किस वजह से हुई और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है।
अस्पताल की फाइल नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से इलाज से संबंधित फाइल मांगी। आरोप है कि अस्पताल की ओर से तत्काल फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई।परिजनों के अनुसार, उन्हें कभी फाइल इधर-उधर होने की जानकारी दी गई तो कभी अन्य कारण बताए गए। इससे परिवार के लोगों में नाराजगी बढ़ गई।परिजनों ने आशंका जताई कि इलाज से संबंधित रिकॉर्ड में बाद में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि इस आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
100 से 150 लोग अस्पताल में जुटे
मौत की खबर मिलने के बाद रुकसाना के परिजन और परिचित बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। बताया गया कि करीब 100 से 150 लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए।भीड़ बढ़ने के साथ अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। इसी दौरान डॉ. तनवीर मालावत के साथ मारपीट की गई। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला।
पांच छोटी बेटियों की मां थी रुकसाना
परिजनों के अनुसार, रुकसाना की पांच छोटी बेटियां हैं। उसकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है।परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
मौत की वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों के आरोप और अस्पताल की ओर से सामने आने वाला पक्ष अलग-अलग हो सकता है। किसी चिकित्सकीय लापरवाही का निष्कर्ष जांच और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही निकाला जा सकता है।ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत क्यों बिगड़ी, मौत का वास्तविक कारण क्या था और उपचार के दौरान सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिलेगा।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।मरीज के परिजनों को इलाज और मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। वहीं चिकित्सकों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में विवाद का समाधान जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए।