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सड़क निर्माण की लापरवाही पड़ी भारी, गहरे गड्ढे में गिरी कार; ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर बचाई चालक की जान


अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कथित अनदेखी एक बड़े हादसे का कारण बन गई। सावड़ी गांव के पास देर रात जयपुर से अलवर जा रही एक कार कई फीट गहरे निर्माणाधीन गड्ढे में जा गिरी। हादसे में चालक घायल हो गया, जिसे ग्रामीणों और श्रमिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

देर रात हुआ हादसा, तेज धमाके से दहशत

सावड़ी गांव के समीप देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जयपुर से अलवर की ओर जा रही एक कार सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार के गड्ढे में गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। धमाका सुनकर आसपास मौजूद श्रमिक और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। अंधेरे और गड्ढे की गहराई के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई, लेकिन लोगों ने साहस दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।

ग्रामीणों और श्रमिकों ने दिखाई तत्परता

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने मिलकर कार में फंसे चालक को बाहर निकालने का अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि कार के दरवाजे जाम हो गए थे, जिसके चलते उन्हें तोड़ना पड़ा। काफी प्रयास के बाद चालक को बाहर निकाला गया और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि कार में चालक के अलावा कोई अन्य सवार नहीं था, जिससे बड़ा जनहानि का खतरा टल गया।

सड़क चौड़ीकरण कार्य के बीच बना हादसे का कारण

जानकारी के अनुसार अलवर-नटनी का बारां मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी निर्माण कार्य के लिए सड़क किनारे और बीच-बीच में गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार इन्हीं में से एक निर्माणाधीन गड्ढे में जा गिरी। हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों को रात के समय खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता।

चेतावनी बोर्ड नहीं होने पर उठे सवाल

हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि निर्माणाधीन स्थल पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा संकेतक मौजूद थे। रात के अंधेरे में चालक को गड्ढा दिखाई नहीं दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर उचित संकेतक लगाए गए होते तो हादसे से बचा जा सकता था। लोगों ने जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।

भविष्य में हादसे रोकने की उठी मांग

घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टिव संकेतकों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। उनका मानना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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