50 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के बीच जर्जर पानी की टंकी बनी खतरा, दाउदपुर में बड़े हादसे की आशंका
अलवर में मौसम विभाग द्वारा 26 जून तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी के बीच दाउदपुर स्थित जर्जर पानी की गिराऊ टंकी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में टंकी की छत गिरने के बाद उसकी दीवारों से लगातार मलबा और चूना गिर रहा है। रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र के बीच स्थित यह टंकी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय समिति ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
तेज हवाओं की चेतावनी के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
मौसम विभाग ने अलवर जिले में 26 जून तक करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। ऐसे में दाउदपुर क्षेत्र में स्थित जर्जर पानी की टंकी को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते टंकी को सुरक्षित तरीके से नहीं हटाया गया तो तेज हवाओं के कारण बड़ा हादसा हो सकता है। टंकी के आसपास घनी आबादी, दुकानें और आवागमन वाला मुख्य मार्ग होने के कारण किसी भी अप्रिय घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
छत गिरने के बाद लगातार झड़ रहा मलबा
सोमवार को टंकी की छत का एक हिस्सा गिरने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार टंकी की दीवारों से रुक-रुककर चूना और मलबा नीचे गिर रहा है, जो सड़क, आसपास के मकानों और मंदिर परिसर तक पहुंच रहा है। इससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कई बार राहगीर और वाहन चालक भी इस गिरते मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग उठ रही है।
पश्चिम दिशा के मकानों पर अधिक खतरा
स्थानीय लोगों का मानना है कि वर्तमान में हवा का रुख पश्चिम दिशा की ओर है। ऐसे में यदि टंकी का कोई बड़ा हिस्सा गिरता है तो पश्चिम दिशा में स्थित मकानों और प्रतिष्ठानों को अधिक नुकसान पहुंच सकता है। क्षेत्र में दिन-रात वाहनों और पैदल राहगीरों की आवाजाही रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। नागरिकों का कहना है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए, ताकि जन-धन की हानि से बचा जा सके।
समिति ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
दाउदपुर जनता हाउसिंग सहकारी समिति के अध्यक्ष मानसिंह चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी अंबालाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि प्रशासन तकनीकी सहायता उपलब्ध कराए तो टंकी को गिराने का खर्च वहन करने के लिए भी वे तैयार हैं। ज्ञापन के बाद एडीएम सिटी ने जलदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। क्षेत्रवासी अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
तकनीकी सलाह के लिए एमएनआईटी से संपर्क का सुझाव
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश सैनी ने बताया कि सोसायटी को तकनीकी मार्गदर्शन के लिए जयपुर स्थित एमएनआईटी के विशेषज्ञों से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार विशेषज्ञ टीम ही यह तय करेगी कि टंकी को सुरक्षित तरीके से किस प्रकार हटाया या गिराया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क भी जमा कराना होगा। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा सकेगा, जिससे सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य किया जा सके।