संगीत सोम के बयान पर सियासी संग्राम, अजय राय बोले- नफरत फैलाने के अलावा किया क्या है?
उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेता संगीत सोम के जौहर यूनिवर्सिटी और समाजवादी पार्टी पर दिए गए बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार करते हुए संगीत सोम पर समाज में नफरत और तनाव फैलाने का आरोप लगाया। वहीं शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने भी शिक्षण संस्थानों को विवादों में घसीटने पर आपत्ति जताई।
अजय राय ने संगीत सोम पर बोला हमला
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बीजेपी नेता संगीत सोम के हालिया बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय यह पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने शिक्षा और समाज के लिए क्या योगदान दिया है। अजय राय ने आरोप लगाया कि कुछ नेता लगातार ऐसे बयान देते हैं जो समाज में तनाव और विभाजन की स्थिति पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य विकास और जनहित होना चाहिए, न कि विवादों को बढ़ावा देना।
शिक्षा संस्थानों को विवादों से दूर रखने की अपील
अजय राय ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज समाज को शिक्षा और नई दिशा देने वाले संस्थान होते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों को राजनीतिक विवादों का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य और देश के युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर उपलब्ध कराना सभी राजनीतिक दलों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिया धर्मगुरु ने भी जताई आपत्ति
शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने भी संगीत सोम के बयान पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान को नकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार विश्वविद्यालय ज्ञान और शिक्षा के केंद्र होते हैं तथा उनके बारे में इस प्रकार की टिप्पणियां छात्रों और शिक्षकों की भावनाओं को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार भाषा के इस्तेमाल पर जोर दिया।
क्या था संगीत सोम का बयान?
बीजेपी नेता संगीत सोम ने हाल ही में समाजवादी पार्टी, आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर तीखी टिप्पणियां की थीं। उन्होंने विश्वविद्यालय के संचालन और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके इन बयानों के बाद विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया।
बयानों से गरमाई उत्तर प्रदेश की राजनीति
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच नेताओं के तीखे बयान लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विकास जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।