तुर्की की मध्यस्थता पर रूस का जवाब: शांति वार्ता के प्रस्ताव पर फिलहाल नहीं बनी सहमति
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए तुर्की की ओर से एक बार फिर मध्यस्थता की पेशकश की गई है। हालांकि, क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यूक्रेन के साथ नई शांति वार्ता शुरू होने की तत्काल संभावना नहीं दिख रही। रूस ने तुर्की के प्रयासों की सराहना की, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत शुरू होने के संकेत नहीं होने की बात कही।
क्रेमलिन ने दिया आधिकारिक बयान
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस तुर्की की मध्यस्थता की इच्छा का सम्मान करता है और उसके प्रयासों की सराहना करता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय यूक्रेन के साथ नई शांति वार्ता शुरू करने की परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। उनके अनुसार, रूस को फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं, जिनसे बातचीत जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा सके।
तुर्की लगातार निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान तुर्की कई बार दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित कराने की कोशिश कर चुका है। पहले भी इस्तांबुल में दोनों पक्षों के बीच वार्ता आयोजित की गई थी। तुर्की का कहना है कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए भविष्य में भी कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा। रूस ने भी कहा है कि वह भविष्य में वार्ता के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं मानता, लेकिन वर्तमान में इसकी संभावना सीमित है।
युद्धविराम पर दोनों देशों के अलग-अलग रुख
यूक्रेन लंबे समय से तत्काल युद्धविराम की मांग करता रहा है, जबकि रूस का कहना है कि वह केवल स्थायी और व्यापक समझौते का पक्षधर है। मॉस्को का तर्क है कि अस्थायी युद्धविराम से संघर्ष का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। इसी वजह से दोनों देशों के बीच अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।
संघर्ष के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न देशों की मध्यस्थता से कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक युद्ध समाप्त करने वाला कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया। इस बीच दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और रणनीतिक ठिकानों पर हमले जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में शांति वार्ता की दिशा दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और आपसी सहमति पर निर्भर करेगी।