अलवर में युवक हत्या मामले में 3 दोषियों को उम्रकैद, सजा सुनकर मुस्कुराते हुए निकले आरोपी
अलवर की एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने मंदिर में पानी भरने के विवाद में हुई युवक की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही दोषियों पर 1 लाख 1 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसले के बाद कोर्ट से बाहर निकलते समय दोषियों के व्यवहार ने सभी को हैरान कर दिया।
मंदिर में पानी भरने के विवाद ने लिया था खूनी रूप
मामला अलवर के एमआईए थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां मंदिर परिसर में लगे नलों से पानी भरने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन पानी भरने की बारी को लेकर कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक पक्ष ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे।
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इलाज के दौरान युवक महादेवा की हुई थी मौत
सरकारी वकील अजीत यादव के अनुसार, हमले में महादेवा और बाबूलाल के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। घायल महादेवा को उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
23 गवाह और 60 दस्तावेजों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 23 गवाह और 60 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। इन सबूतों के आधार पर एडीजे कोर्ट संख्या-3 की न्यायाधीश ज्योति कुमारी सोनी ने भगवानदास, दौलतराम और हरीश को हत्या का दोषी माना। अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए आर्थिक दंड भी लगाया।
तीन दोषियों को उम्रकैद, अन्य आरोपी हुए बरी
अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं, दोषी पाए गए तीनों आरोपियों को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी। मुख्य आरोपी भगवानदास पहले से ही जयपुर जेल में जीएसटी चोरी के मामले में बंद है। हत्या के मामले में मिली सजा अब उसकी जेल अवधि में जुड़ जाएगी।
सजा के बाद दोषियों की मुस्कान ने खींचा ध्यान
फैसला सुनाए जाने के बाद जब तीनों दोषी कोर्ट परिसर से बाहर निकले तो उनका व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सजा सुनने के बाद भी उनके चेहरे पर पछतावे के बजाय मुस्कान नजर आई। मीडिया कर्मियों की ओर देखकर उन्होंने कथित तौर पर कहा, “ये बढ़िया हुआ।” उनके इस रवैये को लेकर कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने हैरानी जताई।
परिवार को मिला न्याय, पुलिस जांच के बाद पहुंचा मामला अदालत तक
हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषियों को सजा सुनाई है।