आरटीई भुगतान लंबित: रामगढ़ के निजी स्कूलों ने सत्यापन बहिष्कार की चेतावनी दी
अलवर। स्कूल शिक्षा परिवार के बैनर तले रामगढ़ ब्लॉक के निजी विद्यालय संचालकों ने आरटीई (Right to Education) के तहत लंबित पुनर्भरण राशि को लेकर शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। इस संबंध में सोमवार को संचालकों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्राम गोस्वामी को रामगढ़ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा 9 मई 2026 को जारी आदेश के तहत आरटीई सीटों पर नवप्रवेशित एवं क्रमोन्नत विद्यार्थियों के भौतिक सत्यापन के लिए दलों का गठन किया गया है। हालांकि, निजी विद्यालय संचालकों का कहना है कि पिछले 2 से 3 वर्षों से आरटीई पुनर्भरण राशि का भुगतान लंबित है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
संचालकों के अनुसार, भुगतान नहीं मिलने से शिक्षकों के वेतन, विद्यालय संचालन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पूर्व वर्षों का बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी नए भौतिक सत्यापन या निरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रामगढ़ ब्लॉक के सभी निजी विद्यालय संचालकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि बकाया राशि उनके बैंक खातों में जमा होने तक किसी भी निरीक्षण दल को विद्यालय परिसर में सत्यापन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संचालकों ने विभाग से जल्द से जल्द लंबित भुगतान जारी करने की मांग की है और कहा है कि भुगतान प्राप्त होने के बाद ही वे विभागीय आदेशों एवं सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
ज्ञापन पर मुरारी दहिया, सचिव डॉ. विक्रम सिंह फांसल, अध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजकुमार यादव सहित अन्य पदाधिकारियों एवं विद्यालय संचालकों के हस्ताक्षर शामिल हैं।