“आईने में चेहरा नहीं, टूटे सपने दिखते हैं”: रेशु गुप्ता का दर्द सामने आया, जयपुर हादसा फिर चर्चा में
जयपुर के जगतपुरा में पुलिस कार्रवाई के दौरान खौलते पानी से झुलसी मोमोज वेंडर रेशु गुप्ता की दर्द भरी आपबीती सामने आई है। रेशु ने कहा कि अब आईने में उन्हें अपना चेहरा नहीं, बल्कि “बिखरे सपने” नजर आते हैं। 19 जून की घटना के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। करीब 20 प्रतिशत झुलसी रेशु का इलाज जारी है, जबकि सरकार ने इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है। वहीं घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।
“हर सुबह चिंता में खुलती है आंखें”: रेशु की भावुक आपबीती
रेशु गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में अपनी दर्दनाक कहानी साझा करते हुए कहा कि हादसे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। उन्होंने बताया कि वह बीएससी करने के बाद नौकरी की तलाश में जयपुर आई थीं और बाद में मजबूरी में मोमोज का ठेला शुरू किया। रेशु के अनुसार 19 जून की शाम पुलिस ने जबरन कार्ट हटाने की कोशिश की, इसी दौरान खौलता पानी उन पर गिर गया। रेशु का कहना है कि दर्द से चीखने के बावजूद उन्हें तुरंत मदद नहीं मिली, जिससे उनका दर्द और बढ़ गया।
संघर्ष से शुरुआत, एक महीने में उजड़ा रोजगार
अयोध्या से जयपुर आई रेशु गुप्ता ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कई छोटे काम किए। पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने हाल ही में मोमोज का कार्ट शुरू किया था, लेकिन एक महीने के भीतर ही यह हादसा हो गया। अब उनका ठेला बंद पड़ा है और परिवार के पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। इलाज और रोजमर्रा के खर्चों ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।
20% झुलसी रेशु, इलाज और आर्थिक संकट दोनों बढ़े
परिजनों के अनुसार रेशु का शरीर करीब 20 प्रतिशत झुलस चुका है और डॉक्टरों ने ठीक होने में कई सप्ताह का समय बताया है। अब तक इलाज पर लगभग 40 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। रेशु की हालत के कारण वह काम पर लौटने की स्थिति में नहीं हैं। किराए के मकान में रह रहा परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। सामाजिक संस्थाओं ने कुछ मदद की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
प्रशासनिक कार्रवाई: पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जांच शुरू
घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेशु के इलाज का पूरा खर्च वहन किया जाएगा और परिवार को आर्थिक सहायता के साथ स्थायी आजीविका के लिए डेयरी बूथ आवंटित किया जाएगा।
राजनीतिक घमासान तेज, कांग्रेस का प्रदर्शन
इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेताओं ने जयपुर में प्रदर्शन कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद पीड़िता को तुरंत मदद नहीं मिली। विपक्ष ने मांग की है कि पीड़िता को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार की आजीविका की स्थायी व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।