#क्राइम #राज्य-शहर

अलवर में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

अलवर: अलवर की पॉक्सो नंबर-2 अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी राकेश को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 9 गवाह और 21 साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई। यह मामला बड़ौदामेव थाना क्षेत्र से जुड़ा है और घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच पूरी करते हुए आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।

रात में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव के अनुसार, 10 जून 2025 को पीड़िता की मां ने बड़ौदामेव थाने में आरोपी राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी रात करीब 2 बजे नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी करने के बाद संबंधित धाराओं में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

पुलिस जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ आरोप पत्र

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए कुल 9 गवाहों के बयान कराए गए। इसके साथ ही अभियोजन ने 21 महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर मामले में आरोपी की भूमिका को लेकर पक्ष रखा गया।

9 गवाह और 21 साक्ष्यों के आधार पर फैसला

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया। सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद पॉक्सो नंबर-2 कोर्ट ने आरोपी राकेश को दोषी माना। इसके बाद अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। फैसले के बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।

पॉक्सो कोर्ट के फैसले से पीड़िता को मिला न्याय

नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों की सुनवाई के लिए पॉक्सो कानून के तहत विशेष न्यायालयों में मामलों की सुनवाई की जाती है। अलवर की पॉक्सो नंबर-2 अदालत का यह फैसला भी इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत आया है। अदालत द्वारा आरोपी को दोषी ठहराकर कठोर सजा दिए जाने के बाद पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। मामले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *