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राजसमंद में ग्रीन पटाखों की बिक्री को मिलेगी अनुमति, सुरक्षा जांच के बाद आवंटित होंगी अस्थायी दुकानें

राजसमंद: दीपावली से पहले राजसमंद जिले में पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार ग्रीन पटाखों की बिक्री को प्राथमिकता दी जाएगी। खुले में पटाखे बेचने पर रोक रहेगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्थायी दुकानों का आवंटन किया जाएगा। भीम क्षेत्र में 13 दुकानदारों ने दुकान लगाने के लिए सहमति जताई है। विस्फोटक अधिनियम के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। आवेदन और पुलिस रिपोर्ट की जांच के बाद ही दुकानों की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है।

ग्रीन पटाखों की बिक्री पर रहेगा जोर

दीपावली के बाजारों में इस बार ग्रीन पटाखों की बिक्री पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, निर्धारित मानकों वाले पटाखों की बिक्री को अनुमति देने की व्यवस्था की जा रही है। ग्रीन पटाखों में पारंपरिक पटाखों की तुलना में कुछ हानिकारक उत्सर्जन और रसायनों को कम करने का प्रयास किया जाता है।इनकी श्रेणी में फुलझड़ी, अनार, जमीन चक्कर, रंगीन रोशनी देने वाले पटाखे, तीन रंगों वाली पेंसिल और कुछ प्रकार की लड़ियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि, किसी भी उत्पाद की बिक्री संबंधित नियमों और अनुमोदित श्रेणी के अनुरूप ही की जा सकेगी। रॉकेट, सुतली बम और अन्य पटाखों की बिक्री को लेकर भी लागू दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी होगा।

भीम में 13 दुकानदारों ने जताई सहमति

भीम क्षेत्र में पटाखों की अस्थायी दुकान लगाने के लिए 13 दुकानदारों ने सहमति जताई है। व्यापारियों को विस्फोटक अधिनियम के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के बाद पुलिस रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।इसके बाद प्रशासन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अस्थायी दुकानों का आवंटन करेगा। बिना अनुमति पटाखे बेचने की छूट नहीं होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य बिक्री को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखना और बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

क्यूआर कोड से कर सकेंगे ग्रीन पटाखों की पहचान

ग्रीन पटाखों की प्रामाणिकता जांचने के लिए पैकेट पर क्यूआर कोड दिए जाने की व्यवस्था है। ग्राहक मोबाइल से कोड स्कैन कर उत्पाद से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्रमाणित उत्पाद की पहचान करने में मदद मिल सकती है।खरीदारी के दौरान नीरी से संबंधित प्रमाणन विवरण और सर्टिफिकेट नंबर की जांच करना भी उपयोगी रहेगा। केवल आकर्षक पैकिंग या दुकानदार के दावे के आधार पर किसी पटाखे को ग्रीन मानना उचित नहीं होगा। उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रमाणिकता और बिक्री की वैधता की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

दस्तावेजों की जांच के बाद मिलेगा दुकानों का आवंटन

अस्थायी दुकान लगाने के इच्छुक व्यापारियों को शपथ पत्र, साइट प्लान और अग्निशमन यंत्र से संबंधित रसीद सहित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन इन दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट की जांच के बाद ही दुकान आवंटित करेगा।इस व्यवस्था का उद्देश्य पटाखों के भंडारण और बिक्री के दौरान आग या अन्य दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है। दुकानदारों को लाइसेंस की शर्तों के साथ निर्धारित सुरक्षा मानकों का भी पालन करना होगा।

दुकानों के बीच 15 मीटर की दूरी जरूरी

पटाखों की दुकानों के बीच कम से कम 15 मीटर की दूरी रखने का प्रावधान बताया गया है। प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन यंत्र रखना भी अनिवार्य होगा। इसके अलावा पटाखों का भंडारण और बिक्री निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुसार ही करनी होगी।दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता से आपात स्थिति में आग फैलने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की ओर से दुकानदारों को लाइसेंस के साथ सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

दीपावली पर पटाखे चलाने का समय भी निर्धारित

वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पटाखे चलाने का समय भी निर्धारित किया गया है। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार, दीपावली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी।लोगों को निर्धारित समय का पालन करने के साथ सुरक्षित स्थान पर ही पटाखे चलाने चाहिए। बच्चों को पटाखों से दूर न छोड़ें और पैकेट पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

प्रदूषण नियंत्रण के साथ त्योहार की तैयारी

दीपावली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने का उद्देश्य प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है।पर्यावरण विभाग की ओर से विशेष एयर मॉनिटरिंग टीम तैनात करने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इससे त्योहार के दौरान हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकेगी। हालांकि, प्रदूषण में वास्तविक कमी का आकलन निगरानी के आंकड़ों से ही होगा।

व्यापारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद

दीपावली को देखते हुए पटाखा कारोबारियों ने ग्रीन पटाखों का स्टॉक मंगवाना शुरू कर दिया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि फुलझड़ी, अनार और रोशनी वाले पटाखों की मांग बनी रहेगी। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी खरीदारों के आने की संभावना जताई जा रही है।हालांकि, कारोबार का दायरा उत्पादों की उपलब्धता, कीमत और प्रशासन की अनुमति पर निर्भर करेगा। इस बार पटाखों की बिक्री निर्धारित दुकानों और सुरक्षा नियमों के तहत कराने की तैयारी है।

पटाखे खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • पैकेट पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उत्पाद की जानकारी जांचें।
  • नीरी से संबंधित प्रमाणन और सर्टिफिकेट नंबर देखें।
  • बिना लाइसेंस वाली दुकानों से पटाखे न खरीदें।
  • पैकेट पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
  • पटाखे चलाते समय बच्चों और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
  • निर्धारित समय और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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Stv News Rajasthan

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