पेपर लीक कानून पर राजेंद्र राठौड़ का कांग्रेस पर हमला, बोले- युवाओं को गुमराह कर रहा इंडिया गठबंधन
पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कानून को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र हितों की बात तो करता है, लेकिन संसद में कानून का विरोध कर युवाओं की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। राठौड़ ने यह भी कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और नकल माफिया पर रोक के लिए कठोर कानून जरूरी है।
‘छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश’
राजेंद्र राठौड़ ने बयान जारी करते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों ने लंबे समय तक आंदोलन किया था। उनके अनुसार कांग्रेस ने उस आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया और खुद को छात्रों का हितैषी बताने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जब केंद्र सरकार पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तब कांग्रेस और इंडिया गठबंधन संसद में इसका विरोध कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि छात्र भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी कानून की उम्मीद कर रहे थे।
संसदीय कार्यवाही पर भी साधा निशाना
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत अपनी बात संसद में रखनी चाहिए। उनका आरोप है कि गंभीर विषयों पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में बहस और संवाद महत्वपूर्ण हैं तथा संसदीय प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी ही जनहित के मुद्दों का उचित समाधान है। उनके अनुसार लगातार हंगामे से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।
कोचिंग संस्थानों को लेकर लगाए राजनीतिक आरोप
राठौड़ ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सामने आए कई पेपर लीक मामलों में कुछ कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठे थे। राठौड़ ने दावा किया कि तत्कालीन सरकार के दौरान ऐसे संस्थानों को संरक्षण मिला। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग समय पर अपने-अपने जवाब और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इस विषय पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
‘भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी’
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं का भरोसा कायम रखने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था आवश्यक है। उनके अनुसार पेपर लीक और नकल जैसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई से योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित कानून भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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