राजस्थान की कुसुम सैन: घर की छत से शुरू हुआ सफर, सोशल मीडिया ने दिलाई नई पहचान
राजस्थान की युवा कंटेंट क्रिएटर और मॉडल कुसुम सैन आज सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बावजूद उन्होंने अपने जुनून को नहीं छोड़ा। घर की छत पर मोबाइल कैमरे से रैंप वॉक वीडियो बनाकर शुरू हुआ उनका सफर आज फैशन, मॉडलिंग और डिजिटल कंटेंट की दुनिया तक पहुंच चुका है। कुसुम की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है, जो छोटे शहर या गांव से बड़े सपने देखते हैं।
क्रिकेट का सपना था, लेकिन मॉडलिंग में मिली नई राह
कुसुम सैन का बचपन राजस्थान के एक साधारण ग्रामीण परिवेश में बीता। शुरुआती दिनों में उनका सपना क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का था और वे खेलों में भी रुचि रखती थीं। समय के साथ कैमरे के सामने खुद को प्रस्तुत करने और फैशन की दुनिया के प्रति उनका आकर्षण बढ़ा। उन्होंने मॉडलिंग को अपने करियर के रूप में अपनाने का फैसला किया। इस सफर में उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया और सामाजिक टिप्पणियों के बावजूद उन्हें अपनी पसंद का क्षेत्र चुनने के लिए प्रोत्साहित किया।
घर की छत बनी पहला रैंप, मोबाइल से शुरू हुआ सफर
मॉडलिंग की शुरुआत आसान नहीं थी। प्रोफेशनल कैमरा, स्टूडियो या महंगे उपकरण उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में कुसुम ने अपने घर की छत को ही अभ्यास का मंच बनाया। वे मोबाइल फोन को एक स्थान पर रखकर रैंप वॉक के वीडियो रिकॉर्ड करतीं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करतीं। लगातार अभ्यास और नियमित कंटेंट साझा करने की वजह से उनकी प्रस्तुति में निखार आता गया। यही साधारण शुरुआत आगे चलकर उनकी पहचान का आधार बनी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली व्यापक पहचान
कुसुम के लगातार साझा किए गए वीडियो में से एक रैंप वॉक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो को करोड़ों बार देखा गया, जिसके बाद उन्हें बड़ी संख्या में नए दर्शक और फॉलोअर्स मिले। वायरल होने के बाद विभिन्न फैशन और ब्यूटी ब्रांड्स ने उनके साथ काम करने में रुचि दिखाई। इसके अलावा उन्हें म्यूजिक वीडियो और मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स के अवसर भी मिलने लगे। सोशल मीडिया ने उनके टैलेंट को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आत्मनिर्भरता को मानती हैं सबसे बड़ी उपलब्धि
कुसुम सैन का कहना है कि उनके लिए सफलता केवल लोकप्रियता या सोशल मीडिया पर मिलने वाले व्यूज तक सीमित नहीं है। वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना और अपने परिवार का सहयोग करना अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में मॉडलिंग और मनोरंजन जगत में और आगे बढ़ना है। कुसुम की यात्रा यह संदेश देती है कि सीमित संसाधन होने के बावजूद निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और परिवार का सहयोग किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान बनाने में मदद कर सकता है।