नालंदा में 13 वर्षीय छात्र की मौत से मातम, पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट के बाद बिगड़ी थी तबीयत
बिहार के नालंदा जिले में 13 वर्षीय छात्र की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों के अनुसार पढ़ाई को लेकर डांट-फटकार के बाद किशोर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और कहा है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
पढ़ाई को लेकर परिजनों की नाराजगी के बाद बिगड़ी स्थिति
घटना बेन थाना क्षेत्र के करजारा गांव की है। मृतक की पहचान 13 वर्षीय करण राज के रूप में हुई है, जो परिवार का इकलौता बेटा था। परिजनों के मुताबिक वह रविवार को अपने ननिहाल से लौटकर घर आया था। लौटने के बाद पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने को लेकर उसकी मां ने उसे डांटा था। रात में भोजन के समय भी इसी बात को लेकर परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे समझाने का प्रयास किया। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया और परिवार के लोग सामान्य दिनचर्या में व्यस्त हो गए।
सुबह तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया
परिवार के अनुसार सोमवार सुबह करण ने स्कूल और कोचिंग जाने से मना कर दिया, जिसके बाद एक बार फिर उसे पढ़ाई के महत्व को लेकर समझाया गया। कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर नालंदा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक और गम का माहौल है।
पिता बाहर नौकरी करते हैं, इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में
करण के पिता टुनटुन प्रसाद गुजरात के सूरत में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे के निधन की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
पुलिस ने शुरू की जांच, शिकायत मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई
बेन थाना प्रभारी रवि राजकुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें –भोपाल और रायसेन की घटनाओं पर सरकार घिरी, उमंग सिंघार बोले- प्रदेश में कानून का नहीं, भय का माहौल