राजस्थान में मंदिरों के दीपोत्सव का बजट अटका, अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर उठाए सवाल
जयपुर। दीपावली से पहले राजस्थान के देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले 462 राजकीय मंदिरों में दीपोत्सव के बजट को लेकर विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पांच दिवसीय दीपोत्सव के लिए प्रति मंदिर दो लीटर तेल और 50 मिट्टी के दीयों की व्यवस्था का बजट भी अब तक जारी नहीं हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि दीपावली से पहले सभी मंदिरों में दीपोत्सव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और जल्द फंड जारी होगा।
462 राजकीय मंदिरों में दीपोत्सव की तैयारियों पर सवाल
राजस्थान में दीपावली के अवसर पर देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले राजकीय मंदिरों में पांच दिवसीय दीपोत्सव आयोजित किया जाता है। इसके लिए प्रत्येक मंदिर में दो लीटर तेल और 50 मिट्टी के दीये उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस बार त्योहार से पहले बजट जारी नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।कांग्रेस का आरोप है कि राशि समय पर नहीं मिलने से मंदिरों में दीप जलाने, विशेष शृंगार, पूजा-अर्चना और अन्नकूट की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। पार्टी का कहना है कि पिछले वर्षों में दीपावली से करीब एक महीने पहले ही तेल और दीयों की व्यवस्था कर दी जाती थी।फिलहाल बजट जारी होने की स्थिति और मंदिरों तक सामग्री पहुंचने की समयसीमा को लेकर संबंधित विभाग की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
अशोक गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भजनलाल शर्मा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने वाली सरकार के शासन में राजकीय मंदिरों के दीपदान का बजट अटका हुआ है।गहलोत के मुताबिक, मंदिरों में दीपोत्सव के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि मंजूर की जानी है, लेकिन इसके बावजूद बजट जारी नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंदिरों और धार्मिक परंपराओं को लेकर सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताती है, तो दीपावली के अवसर पर मंदिरों के लिए जरूरी राशि समय पर क्यों नहीं दी जा रही।गहलोत की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, बजट में देरी के कारणों को लेकर देवस्थान विभाग का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना जरूरी है।
प्रताप सिंह खाचरियावास ने पूछा- भगवान के लिए बजट कब आएगा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस मामले में सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि मंदिरों में दीपोत्सव के लिए बजट कब जारी होगा।खाचरियावास ने कहा कि जयपुर के लोग अपने स्तर पर दीप जलाएंगे, लेकिन मंदिरों में दीपोत्सव की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर मंदिरों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।उनका कहना है कि जब राजकीय मंदिरों में दीपावली के लिए तेल और दीयों जैसी बुनियादी सामग्री की व्यवस्था करनी है, तो इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से जल्द राशि जारी करने और मंदिरों में दीपोत्सव की तैयारियां समय पर पूरी कराने की मांग की है।
भाजपा ने कहा- दीपावली से पहले होगी व्यवस्था
विपक्ष के आरोपों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है और सभी मंदिरों में दीपोत्सव पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा।राठौड़ ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही फंड जारी कर दिया जाएगा, ताकि मंदिरों में आवश्यक व्यवस्था की जा सके। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने भी कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर त्योहार के समय अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।इस तरह मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि देवस्थान विभाग कब तक बजट जारी करता है और मंदिरों में दीपोत्सव की तैयारियां समय पर पूरी हो पाती हैं या नहीं।
देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की भूमिका पर भी नजर
दीपोत्सव के बजट को लेकर उठे विवाद के बीच देवस्थान विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार से जल्द निर्णय लेने और राजकीय मंदिरों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।मामले में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की ओर से बजट की स्थिति पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद देरी के कारणों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। फिलहाल विपक्ष का कहना है कि दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर मंदिरों की व्यवस्थाओं में देरी नहीं होनी चाहिए।
दीपावली से पहले बजट जारी होने का इंतजार
राजस्थान के राजकीय मंदिरों में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर अब बजट जारी होने पर निगाहें टिकी हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर देरी को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा ने त्योहार से पहले व्यवस्था पूरी करने का भरोसा दिया है।अब सबसे अहम सवाल यह है कि देवस्थान विभाग कब तक राशि जारी करता है और मंदिरों में तेल तथा दीयों की आपूर्ति समय पर हो पाती है या नहीं। इस संबंध में विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।