भीलवाड़ा कमला कांकरिया हत्याकांड: वारदात के बाद मटन पार्टी का दावा, छत की खुदाई की तैयारी
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में 72 वर्षीय कमला कांकरिया हत्याकांड की जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या के बाद शव को छत पर जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई थी। अब जांच में वारदात के अगले दिन कथित मटन पार्टी आयोजित किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसमें 40 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने तीसरे आरोपी आर्यन शर्मा उर्फ चूचा को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, डॉग स्क्वायड की मदद से छत की जांच की गई है और संदिग्ध स्थानों पर खुदाई की तैयारी है।
वारदात के बाद मटन पार्टी आयोजित करने का दावा
कमला कांकरिया हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद 13 अक्टूबर को सुभाष नगर में बड़ी पुलिया के पास आरोपी रवि तापड़िया के घर चूल्हे, लकड़ियां, बड़े बर्तन और अन्य सामान पहुंचाया गया था। इसके अगले दिन सुबह करीब 10 बजे मकान की छत पर मटन पकाने और पार्टी आयोजित करने की बात सामने आई है।बताया जा रहा है कि इस आयोजन में 40 से अधिक लोग शामिल हुए थे। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मृतका के अवशेषों का बड़ा हिस्सा अब तक बरामद नहीं होने के कारण जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही हैं।कुछ आशंकाओं को लेकर भी जांच की जा रही है, लेकिन शव के अवशेषों को भोजन में मिलाए जाने संबंधी दावे की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस आशंका को फिलहाल जांच का विषय ही माना जा रहा है।
तीसरे आरोपी आर्यन शर्मा को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी 19 वर्षीय आर्यन शर्मा उर्फ चूचा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उस पर शव को ठिकाने लगाने में मदद करने का आरोप है। उसे अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।पुलिस के मुताबिक, आर्यन दसवीं कक्षा का छात्र है और मुख्य आरोपी रवि तापड़िया के संपर्क में था। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर वारदात के बाद की गतिविधियों और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।इसके अलावा, रवि तापड़िया के भतीजे कालू तापड़िया को भी मामले में नामजद किया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
डॉग स्क्वायड ने छत पर की जांच, खुदाई की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अजमेर से विशेष डॉग स्क्वायड की टीम बुलाई। पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर टीम ने रवि तापड़िया के मकान की छत और अन्य हिस्सों की जांच की।पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह और भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी की मौजूदगी में डॉग स्क्वायड ने संदिग्ध स्थानों की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, खोजी कुत्ते ने छत के कुछ हिस्सों पर संकेत दिए हैं।इन संकेतों के आधार पर पुलिस संबंधित स्थानों की आगे जांच करने और जरूरत पड़ने पर खुदाई कराने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य मृतका के अवशेषों या मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों का पता लगाना है।
आरोपियों से कराया गया क्राइम री-क्रिएशन
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम री-क्रिएशन भी कराया। इस दौरान मुख्य आरोपी रवि तापड़िया ने कथित तौर पर उस स्थान की पहचान की, जहां कमला कांकरिया पर हमला किया गया था। उसने उस हिस्से की भी पहचान कराई, जहां शव जलाए जाने का आरोप है।पुलिस इस प्रक्रिया के जरिए आरोपियों के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात किस क्रम में हुई और साक्ष्य मिटाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए।क्राइम री-क्रिएशन जांच का हिस्सा है। इससे सामने आए तथ्यों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी जरूरी है।
जेवरात और नकदी के लालच में हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, वीर सांवरकर चौक निवासी 72 वर्षीय कमला कांकरिया 12 अक्टूबर से लापता थीं। मामले की जांच में सामने आया कि करीब 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी के लालच में उनकी हत्या किए जाने का आरोप है।जांच में आरोप है कि वारदात के बाद 13 अक्टूबर की देर रात शव को मकान की छत पर ले जाकर जलाया गया। इसके बाद बचे हुए अवशेषों और राख को बोरियों में भरकर कोठारी नदी में बहाने की बात सामने आई है।हालांकि, मृतका के अवशेषों की बरामदगी और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस इसी वजह से मकान, छत और अन्य संभावित स्थानों की लगातार जांच कर रही है।
डीएनए जांच के लिए बड़ी बहन का ब्लड सैंपल लिया
मृतका के अवशेषों की पहचान और पुष्टि के लिए पुलिस ने उदयपुर से उनकी बड़ी बहन उगम देवी को बुलाया। उनसे ब्लड सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।डीएनए रिपोर्ट से बरामद अवशेषों की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। यह जांच मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है, क्योंकि मृतका के अधिकांश अवशेष अब तक बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट, आरोपियों से पूछताछ और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस के सामने अवशेष बरामद करने की चुनौती
कमला कांकरिया हत्याकांड में पुलिस के सामने अब मृतका के अवशेषों का पता लगाने, कथित मददगारों की भूमिका स्पष्ट करने और वारदात के बाद की गतिविधियों की पुष्टि करने की चुनौती है।मटन पार्टी से जुड़े दावे, डॉग स्क्वायड के संकेत और आरोपियों से कराए गए क्राइम री-क्रिएशन की जानकारी जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। हालांकि, किसी भी दावे को अंतिम तथ्य मानने से पहले फॉरेंसिक साक्ष्यों और पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।फिलहाल पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आगे की कार्रवाई बरामद साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।