राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग तेज, बीकानेर में NSUI का हाईवे जाम; कई छात्र नेता हिरासत में
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बीकानेर में NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हस्तक्षेप किया और संगठन के कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया। NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द चुनाव बहाल नहीं किए गए तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर सड़क पर उतरे छात्र
बीकानेर में मंगलवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी हाईवे खाली करने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस ने प्रदर्शन हटाया, कई छात्र नेता हिरासत में
जब लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, तब पुलिस ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों के अनुसार, पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाया। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी। कार्रवाई के दौरान NSUI बीकानेर के जिलाध्यक्ष हरीराम गोदारा समेत कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बाद पुलिस ने सड़क खाली कराकर यातायात को सामान्य कराया।
हिरासत के बाद खुला हाईवे, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
छात्र नेताओं को हिरासत में लेने के बाद प्रशासन ने हाईवे पर लगे जाम को हटवाया और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात पूरी तरह सामान्य हो सका। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
NSUI की चेतावनी- पूरे राजस्थान में होगा बड़ा आंदोलन
प्रदर्शन के बाद NSUI नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लंबे समय से चुनाव नहीं होने से छात्रों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है। संगठन का कहना है कि यदि राज्य सरकार जल्द चुनाव कराने का निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को पूरे राजस्थान में विस्तारित किया जाएगा। छात्र नेताओं ने दावा किया कि आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।