राजस्थान रोडवेज की ऑनलाइन टिकट व्यवस्था पर सवाल, यात्रियों को रोज झेलनी पड़ रही दिक्कतें
डिजिटल इंडिया के दौर में भी राजस्थान रोडवेज की टिकट व्यवस्था यात्रियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में तकनीकी दिक्कतें, टिकट विंडो की कमी और कर्मचारियों का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। नतीजतन कई लोगों को बिना आरक्षित सीट के यात्रा करनी पड़ रही है, जबकि निजी बस ऑपरेटर आधुनिक डिजिटल सुविधाओं के साथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं दे रहे हैं।
एक टिकट विंडो के भरोसे हजारों यात्रियों की सुविधा
उदयपुर के उदियापोल बस स्टैंड पर कभी छह सामान्य टिकट विंडो और एक आरक्षण काउंटर संचालित होते थे, लेकिन समय के साथ अधिकांश विंडो बंद कर दी गईं। वर्तमान में केवल एक टिकट विंडो संचालित हो रही है, जो भी सीमित समय के लिए खुलती है। दोपहर के बाद पहुंचने वाले यात्रियों के पास बस में सीधे चढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। इससे सीट आरक्षण की सुविधा नहीं मिल पाती और कई बार सीट को लेकर यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में तकनीकी बाधाएं बनीं परेशानी
राजस्थान रोडवेज ने मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा तो शुरू की है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि ऐप अक्सर ठीक से काम नहीं करता। कई बार टिकट बुकिंग प्रक्रिया बीच में रुक जाती है या सर्वर संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री ऑनलाइन टिकट लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उन्हें बस स्टैंड जाकर टिकट की व्यवस्था करनी पड़ती है। इससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोजाना 300 बसें, 14 हजार यात्रियों का आवागमन
उदियापोल बस स्टैंड राजस्थान के प्रमुख बस अड्डों में शामिल है। यहां से उदयपुर डिपो सहित विभिन्न डिपो की करीब 300 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। हर दिन लगभग 14 हजार यात्री इस बस स्टैंड से यात्रा करते हैं। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों के लिए यहां से बस सेवाएं उपलब्ध हैं। उदयपुर पर्यटन नगरी होने के कारण बड़ी संख्या में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी रोडवेज सेवाओं पर निर्भर रहते हैं, जिससे बेहतर टिकट व्यवस्था की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
कर्मचारियों की कमी से प्रभावित हुई टिकट व्यवस्था
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों की कमी के चलते टिकट विंडो पर तैनात कई चालक और परिचालकों को वापस बस संचालन में लगाया गया। इसका असर टिकट वितरण व्यवस्था पर पड़ा और अधिकांश काउंटर बंद करने पड़े। सीमित स्टाफ के कारण यात्रियों को न केवल टिकट लेने में कठिनाई हो रही है, बल्कि भीड़ के समय व्यवस्था संभालना भी चुनौती बन गया है। ऐसे में यात्रियों का मानना है कि ऑनलाइन प्रणाली को अधिक भरोसेमंद और टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाना समय की जरूरत है।