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दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली के रोहिणी इलाके में सोमवार को एक निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। हादसे के समय भवन में काम कर रहे कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पलक झपकते ही जमींदोज हुई निर्माणाधीन इमारत

रोहिणी सेक्टर-16 के जी-4 पॉकेट में निर्माणाधीन भवन अचानक भरभराकर गिर गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। इमारत गिरते ही पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करने की कोशिश की और पुलिस सहित आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है, हालांकि आधिकारिक संख्या का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस, दमकल और NDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों के साथ प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों को लगाया गया है। बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों तक जल्द पहुंचने की कोशिश कर रहा है। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की भी तैनाती की गई है ताकि निकाले गए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि राहत अभियान पूरी सावधानी के साथ लगातार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हादसे की भयावह कहानी

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चारों ओर धूल का गुबार फैल गया और लोग मदद के लिए चीखने लगे। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती राहत कार्य में बचाव दल की मदद की।

हादसे के कारणों की होगी जांच, प्रशासन ने क्षेत्र किया सील

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए और इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके बाद संबंधित एजेंसियां निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की भी जांच करेंगी।

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