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राजस्थान निकाय चुनाव: कोटा में पुनर्मतदान के दौरान हंगामा, BJP-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े

राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 के तहत बुधवार, 16 सितंबर को 10 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। EVM में तकनीकी खराबी के चलते इन बूथों का पिछला मतदान रद्द किया गया था। कोटा नगर निगम के वार्ड 87 में पुनर्मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में झड़प हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। इन 10 बूथों पर शाम 6 बजे तक मतदान होगा और 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना होगी।

कोटा के वार्ड 87 में पुनर्मतदान के दौरान हंगामा

कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 87 में बुधवार को पुनर्मतदान के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए।

विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया।

पुष्पा चौधरी और लक्ष्मी शर्मा के बीच मुकाबला

वार्ड 87 में भाजपा की पुष्पा चौधरी और कांग्रेस की लक्ष्मी शर्मा के बीच मुकाबला है। पुनर्मतदान के दौरान दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति सामने आई।

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। अधिकारियों की कोशिश है कि पुनर्मतदान की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो।

जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में 10 बूथों पर वोटिंग

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 10 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इनमें जयपुर के पांच, जोधपुर का एक, कोटा के तीन और सुकेत नगरपालिका का एक बूथ शामिल है।

जयपुर: वार्ड 9 बूथ 111, वार्ड 18 बूथ 235, वार्ड 25 बूथ 343 और वार्ड 34 के बूथ 477 व 484।

जोधपुर: वार्ड 50 का बूथ 338।

कोटा: वार्ड 87 का बूथ 99, वार्ड 44 का बूथ 448 और वार्ड 11 का बूथ 576।

सुकेत: वार्ड 4 का बूथ 5।

EVM में खराबी के बाद कराया जा रहा पुनर्मतदान

पुनर्मतदान की वजह EVM में आई तकनीकी खराबी बताई गई है। मतगणना के दौरान संबंधित मशीनों से परिणाम निकालने की प्रक्रिया में कुछ EVM की स्क्रीन पर मतों का सही प्रदर्शन नहीं हुआ।

जिला निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह सामने आया कि अप्रदर्शित मतों की संख्या संबंधित मुकाबलों में जीत-हार के अंतर से अधिक थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने इन बूथों का मतदान रद्द कर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।

पुनर्मतदान में बाएं हाथ की मध्यमा पर लगेगी स्याही

पुनर्मतदान के लिए आयोग ने अलग व्यवस्था की है। पहले मतदान के दौरान मतदाताओं की तर्जनी पर लगी अमिट स्याही को इस बार मान्य नहीं माना जा रहा है।

आज मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं के बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर नई अमिट स्याही लगाई जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोबारा मतदान की प्रक्रिया में केवल अधिकृत मतदाता ही वोट डालें।

केवल मूल मतदाता सूची में दर्ज मतदाता कर सकेंगे मतदान

आयोग के निर्देशों के अनुसार पुनर्मतदान में केवल उन्हीं मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति है, जिनके नाम संबंधित बूथ की मूल मतदाता सूची में दर्ज हैं।

इसके अलावा आवश्यकतानुसार नई EVM और अन्य चुनावी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। पहले इस्तेमाल की गई खराब मशीनों को प्रशासनिक निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।

17 सितंबर को सुबह 8 बजे होगी मतगणना

पुनर्मतदान बुधवार शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के बाद EVM को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।

इन 10 बूथों की मतगणना 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके बाद इन बूथों से जुड़े अटके हुए चुनाव परिणाम सामने आएंगे।

मेयर और अध्यक्ष पद के चुनाव पर भी असर

इन बूथों के परिणाम लंबित होने के कारण संबंधित निकायों में मेयर और अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव तथा सुकेत में अध्यक्ष पद की प्रक्रिया अंतिम परिणाम आने के बाद आगे बढ़ेगी।

अब पुनर्मतदान के बाद आने वाले नतीजों पर सभी की नजर है। खासकर करीबी मुकाबलों वाले वार्डों में कुछ वोटों का अंतर भी अंतिम परिणाम बदल सकता है।

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Stv News Rajasthan

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