कोटपूतली निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस ने हाईब्रिड कैंडिडेट रमेश पायला को दिया सिंबल
कोटपूतली निकाय चुनाव की राजनीति में कांग्रेस के एक फैसले के बाद नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस ने हाईब्रिड सिस्टम के तहत नामांकन दाखिल करने वाले रमेश पायला को पार्टी का सिंबल दे दिया है। कांग्रेस निकाय चुनाव प्रभारी विनोद कुमारी सांगवान ने रमेश पायला का पार्टी सिंबल जमा करवाया। इसी बीच बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने रमेश पायला को समर्थन देने का ऐलान किया है। महेंद्र सैनी ने खुद और अपनी पत्नी के लिए बीजेपी तथा निर्दलीय दोनों स्तर पर नामांकन दाखिल किया था।
कांग्रेस ने रमेश पायला को दिया अपना सिंबल
कोटपूतली में कांग्रेस ने चुनावी रणनीति के तहत रमेश पायला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। रमेश पायला ने पहले हाईब्रिड सिस्टम के तहत अपना नामांकन दाखिल किया था।
अब कांग्रेस निकाय चुनाव प्रभारी विनोद कुमारी सांगवान ने उनका पार्टी सिंबल जमा करवाया। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले में रमेश पायला की स्थिति बदल गई है।
कोटपूतली में लागू हुआ हाईब्रिड सिस्टम
निकाय चुनाव में हाईब्रिड सिस्टम के तहत प्रत्याशी पहले निर्दलीय या अन्य प्रक्रिया से नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद राजनीतिक दल उन्हें अपना अधिकृत सिंबल दे सकते हैं।
रमेश पायला ने इसी व्यवस्था के तहत पहले नामांकन दाखिल किया था। अब कांग्रेस की ओर से सिंबल मिलने के बाद वे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।
बीजेपी से बगावत कर महेंद्र सैनी ने दिया समर्थन
इस घटनाक्रम के बीच बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने रमेश पायला को समर्थन दिया है।
महेंद्र सैनी का समर्थन मिलने से कोटपूतली के इस वार्ड में चुनावी समीकरण बदलने की संभावना है। अब कांग्रेस प्रत्याशी को उनके समर्थन से स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त राजनीतिक ताकत मिलने की चर्चा है।
महेंद्र सैनी ने खुद और पत्नी का भरा था नामांकन
पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने निकाय चुनाव में खुद का भी नामांकन दाखिल किया था। इसके अलावा उनकी धर्मपत्नी ने भी चुनाव मैदान में उतरने के लिए नामांकन भरा था।
बताया गया है कि महेंद्र सैनी ने बीजेपी और निर्दलीय दोनों स्तर पर नामांकन दाखिल किया था। बाद में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रमेश पायला को समर्थन देने का फैसला किया।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
कोटपूतली में निकाय चुनाव के दौरान पार्टियों के बीच मुकाबला पहले से ही दिलचस्प बना हुआ है। ऐसे में एक पूर्व चेयरमैन का समर्थन किसी प्रत्याशी के लिए स्थानीय समीकरणों में महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, इस समर्थन का चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल कांग्रेस के सिंबल और महेंद्र सैनी के समर्थन से कोटपूतली की चुनावी चर्चा तेज हो गई है।
अब मुकाबले पर टिकी सभी की नजर
कांग्रेस के सिंबल और महेंद्र सैनी के समर्थन के बाद रमेश पायला का चुनावी मुकाबला और महत्वपूर्ण हो गया है। दूसरी ओर अन्य प्रत्याशी भी अपने-अपने समर्थन और स्थानीय समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।
अब मतदान के दिन मतदाताओं का रुख ही तय करेगा कि इस बदले हुए चुनावी समीकरण का वास्तविक असर कितना दिखाई देता है।