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Rajasthan News: 5 लाख से ज्यादा एनर्जी ड्रिंक्स जब्त, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ‘Energy Drink’ टैग हटाने के निर्देश

Rajasthan: 5 लाख एनर्जी ड्रिंक्स जब्त, ई-कॉमर्स पर सख्ती

राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के तहत एनर्जी ड्रिंक्स के भ्रामक प्रचार के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के दौरान 5 लाख से अधिक एनर्जी ड्रिंक्स जब्त की गई हैं। साथ ही प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को वेबसाइट और मोबाइल ऐप से ‘Energy Drink’, ‘Health Drink’ और ‘Sports Drink’ जैसी श्रेणियां हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

FSSAI के निर्देश पर प्रदेशभर में चला विशेष अभियान

खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय ने बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में निरीक्षण अभियान चलाकर बड़ी संख्या में ऐसे उत्पादों की जांच की गई, जिनका प्रचार कथित रूप से भ्रामक तरीके से किया जा रहा था। विभाग के अनुसार कई उत्पादों की पैकेजिंग पर ऐसे दावे लिखे मिले, जो FSSAI के मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसी आधार पर 5 लाख से अधिक एनर्जी ड्रिंक्स जब्त की गईं और संबंधित उत्पादों के भंडारण एवं बिक्री को लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई है।

ई-कॉमर्स कंपनियों को जारी किए गए निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग ने Amazon, Flipkart, Blinkit, Swiggy Instamart, Zepto, BigBasket, JioMart और Nature’s Basket समेत प्रमुख ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्लेटफॉर्म से ‘Energy Drink’, ‘Health Drink’ और ‘Sports Drink’ जैसी श्रेणियां तथा भ्रामक प्रचार सामग्री हटाएं। विभाग का कहना है कि इन शब्दों का उपयोग कई मामलों में उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है, इसलिए संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

कई प्रमुख ब्रांड भी कार्रवाई के दायरे में

विभाग के अनुसार यह कार्रवाई किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है। जिन उत्पादों की जांच की गई, उनमें Hell Energy, Red Bull, Monster Energy, Sting, Campa Energy, Hell Sugar Free, Hell Classic और Adrenaline Rush जैसे ब्रांड भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का आधार केवल ब्रांड नहीं बल्कि उत्पादों पर किए गए दावे और लेबलिंग है। यदि कोई उत्पाद नियमानुसार नहीं पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रामक दावों पर विभाग की सख्ती

संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के अनुसार कई कंपनियां अपने उत्पादों को तुरंत ऊर्जा बढ़ाने, शारीरिक क्षमता सुधारने और प्रदर्शन बेहतर करने जैसे दावों के साथ बाजार में बेच रही थीं। विभाग का कहना है कि ऐसे दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें भ्रामक माना जा सकता है। इसी कारण पूरे प्रदेश में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।

विशेषज्ञों ने अनियंत्रित सेवन से किया आगाह

चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन, अधिक मात्रा में चीनी और अन्य उत्तेजक तत्व मौजूद होते हैं। इनके लगातार या अत्यधिक सेवन से उच्च रक्तचाप, हृदय गति बढ़ना, अनियमित धड़कन, एसिडिटी, गैस्ट्रिक समस्याएं और नींद संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से युवाओं को सलाह दी है कि ऐसे उत्पादों का सेवन सीमित मात्रा में करें और विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के आधार पर इन्हें सामान्य सॉफ्ट ड्रिंक समझकर उपयोग न करें।

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