#राज्य-शहर

नागौर में बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे डंपर, सड़क पर बजरी खाली कर भागने का आरोप; हादसों का खतरा बढ़ा

राजस्थान के नागौर सहित कई जिलों में बजरी, रेत और पत्थरों से लदे भारी डंपरों की आवाजाही सड़क सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन रही है। आरोप है कि कुछ डंपर बिना नंबर प्लेट या पहचान छिपाकर सड़कों पर दौड़ते हैं। पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ चालक पीछा किए जाने पर सड़क पर बजरी खाली कर भागने की कोशिश भी करते हैं। इससे अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। नागौर, नावां, जयपुर और अन्य क्षेत्रों में डंपरों से जुड़े जानलेवा हादसों के बाद भारी वाहनों की निगरानी और नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।

बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों से सड़क सुरक्षा को खतरा

राजस्थान की सड़कों पर बजरी, रेत, कंकरी और पत्थरों से भरे भारी वाहनों की आवाजाही आम है। लेकिन जब ऐसे वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं या उनकी नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं होती, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।नागौर में सामने आई शिकायतों के अनुसार, कुछ डंपरों पर नंबर प्लेट नहीं होती या उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। ऐसे वाहन किसी दुर्घटना में शामिल हों, तो चालक और वाहन मालिक तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है।छोटे वाहनों, कारों और दोपहिया चालकों को भारी डंपरों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों की वजह बन सकती है।

नागौर से जयपुर तक डंपर हादसों की कई घटनाएं

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में डंपरों से जुड़े हादसों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नागौर जिले के खींवसर-माडपुरा मार्ग पर 24 अगस्त 2026 को गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने एक कार को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में चार लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई।डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में 16 सितंबर 2026 को एक डंपर की कार से टक्कर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौत की खबर सामने आई थी।जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में 3 नवंबर 2025 को डंपर से जुड़े एक बड़े हादसे में 19 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर टनल के पास 23 नवंबर 2025 को डंपर की टक्कर से दो बाइक सवारों की मौत हुई थी।बूंदी में 15 सितंबर 2024 को जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास डंपर की टक्कर से एक कार में सवार छह लोगों की मौत और तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इन घटनाओं के कारणों और प्रत्येक मामले में जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाना चाहिए।

पुलिस के पीछा करने पर सड़क पर बजरी खाली करने का आरोप

अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कुछ डंपर चालक पीछा किए जाने पर वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करते हैं।ऐसी स्थिति में कुछ चालक सड़क पर ही बजरी खाली कर देते हैं। इससे सड़क पर फिसलन और अन्य वाहनों के संतुलन बिगड़ने का खतरा पैदा हो सकता है। सड़क पर बिखरी बजरी से यातायात भी बाधित होता है।इस तरह की घटनाएं केवल पुलिस कार्रवाई में बाधा नहीं डालतीं, बल्कि आम वाहन चालकों की सुरक्षा को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में वाहन चालक के साथ-साथ वाहन के पंजीकरण और मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड की जांच भी महत्वपूर्ण है।

नागौर में दो घंटे तक डंपर के भागने का मामला

नागौर में मई 2026 में एक डंपर चालक की खतरनाक ड्राइविंग का मामला सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चालक ने बीकानेर रोड पर गलत दिशा में डंपर चलाया और इस दौरान स्कूटी तथा एंबुलेंस को टक्कर मारी।इसके बाद वह तेज रफ्तार में नागौर से जोधपुर जिले के धनारी गांव की ओर भागता रहा। बताया गया कि इस दौरान जान बचाने की कोशिश में एक युवक करीब 15 किलोमीटर तक डंपर के बाहर लटका रहा।आरोपी को पकड़ने के लिए चार थानों की पुलिस जुटी थी। आखिरकार जोधपुर के धनारी क्षेत्र में बैरिकेड लगाकर डंपर रोका गया और चालक को गिरफ्तार किया गया। यह घटना तेज रफ्तार भारी वाहनों से पैदा होने वाले जोखिम को उजागर करती है।

बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की पहचान बड़ी चुनौती

वाहनों पर स्पष्ट और वैध नंबर प्लेट होना उनकी पहचान के लिए जरूरी है। यदि कोई वाहन बिना नंबर प्लेट या पहचान छिपाकर चलता है, तो दुर्घटना के बाद उसके बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो सकता है।ऐसे मामलों में पुलिस और परिवहन विभाग के लिए नियमित जांच महत्वपूर्ण है। वाहन के पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच से नियमों के उल्लंघन की पहचान की जा सकती है।इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों और हाईवे निगरानी व्यवस्था का उपयोग संदिग्ध वाहनों की पहचान करने में मदद कर सकता है। अवैध खनिज परिवहन के मामलों में वाहन चालक और मालिक की जिम्मेदारी भी नियमानुसार तय की जानी चाहिए।

अवैध खनिज परिवहन पर संयुक्त कार्रवाई की जरूरत

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहनों से होने वाले हादसों को कम करने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग और खनन विभाग के बीच समन्वय जरूरी है। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों पर नियमित कार्रवाई की जरूरत है।इसके साथ ही हाईवे और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाना, संदिग्ध वाहनों के रिकॉर्ड की जांच करना और सड़क पर खनिज सामग्री बिखेरने की घटनाओं पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।नागौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। प्रभावी निगरानी और नियमों के पालन से दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा सबसे अहम

डंपरों से जुड़े हादसों और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की शिकायतों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए सड़क पर बजरी खाली करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।अब जरूरत है कि संबंधित विभाग ऐसे वाहनों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। सड़क पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही दोनों महत्वपूर्ण हैं।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *