18 प्रसूताओं की मौत पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले- ‘ब्रेक के बाद जवाब दूंगा’
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान हुई 18 प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर विपक्ष और मीडिया के निशाने पर हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने तत्काल जवाब देने के बजाय कहा कि वे “ब्रेक के बाद” जवाब देंगे। उनके इस व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों से बचते दिखे मंत्री
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मीडिया ने प्रसूताओं की मौत को लेकर सवाल पूछे, तो स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर मुस्कुराते हुए उठ गए और कहा कि बाकी जवाब “ब्रेक के बाद” देंगे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
18 प्रसूताओं की मौत से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, कोटा, जोधपुर और बीकानेर सहित विभिन्न जिलों में प्रसव के दौरान या उसके बाद 18 महिलाओं की मौत की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जांच में क्या सामने आया?
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में प्रसूताओं को लगाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की गुणवत्ता को लेकर आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में दवा की जगह पानी होने की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
मंत्री ने क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री ने अलग-अलग मामलों में प्रसूताओं की मौत के संभावित कारणों में डिहाइड्रेशन और अन्य चिकित्सीय कारणों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे बांसवाड़ा और भीलवाड़ा का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेंगे और पूरे मामले की जानकारी लेंगे।
राजनीतिक और जनसरोकार का मुद्दा बना मामला
मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोप लगा रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि सभी मामलों की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।