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TET पेपर लीक पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान, राहुल गांधी के आरोपों पर देवेंद्र फडणवीस का पलटवार

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परीक्षा रद्द होने और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। इसके जवाब में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले की जांच और कार्रवाई हो चुकी है तथा राहुल गांधी पर विदेश से सोशल मीडिया के जरिए राजनीति करने का तंज भी कसा।

राहुल गांधी के सवालों पर फडणवीस का तीखा जवाब

मीडिया से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने TET पेपर लीक मामले की गंभीरता से जांच कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या वह देश में रहकर जानकारी मांग रहे हैं या विदेश में बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठा रहे हैं।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा था निशाना

इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने लिखा कि TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे लगभग छह लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा रद्द होने के दो सप्ताह बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

क्या है TET पेपर लीक का पूरा मामला?

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने 28 जून 2026 को राज्यभर में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की थी। इसके लिए 1,028 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और करीब छह लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी। परीक्षा से पहले भिवंडी में पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और कथित प्रश्नपत्र मौजूद हैं। इसके बाद जांच शुरू हुई और परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया।

सरकार का दावा- दोषियों पर कार्रवाई, सुरक्षा होगी और मजबूत

राज्य सरकार का कहना है कि मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार के अनुसार भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहा है, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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