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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में राजस्थान कनेक्शन, जोधपुर का रहने वाला निकला मुख्य आरोपी चेतन चौधरी

महाराष्ट्र के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब राजस्थान का कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा क्षेत्र का निवासी है। जांच एजेंसियां प्रेम संबंध, घटनाक्रम और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। दोनों आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ जारी है।

राजस्थान से जुड़ा आरोपी, जोधपुर के गांव से है संबंध

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी का पैतृक संबंध राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा क्षेत्र स्थित पलासनी गांव से है। हालांकि उसका परिवार लंबे समय से महाराष्ट्र के पुणे में रहकर ड्राई फ्रूट्स का कारोबार करता है। पुलिस के अनुसार चेतन अपने पिता के व्यवसाय में सहयोग करता था और पढ़ाई भी पुणे में ही कर रहा था। गांव में रहने वाले परिजनों और परिचितों के मुताबिक वह समय-समय पर अपने पैतृक गांव आता-जाता था। स्थानीय लोगों ने उसे शांत स्वभाव का बताया है, जबकि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी हुई है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुणे में कारोबार

जानकारी के अनुसार चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी अपने भाइयों के साथ कई वर्षों से पुणे में ड्राई फ्रूट्स का व्यापार कर रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान व्यापार प्रभावित होने के बाद चेतन भी स्थायी रूप से पिता के साथ जुड़ गया था। वह चार बहनों का इकलौता भाई बताया जा रहा है और परिवार के अधिकांश सदस्य पुणे में ही रहते हैं। वहीं पलासनी गांव में परिवार के अन्य सदस्य खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। पुलिस फिलहाल आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाए हुए है।

दिवाली पार्टी से शुरू हुई थी दोनों की पहचान

पुलिस जांच के मुताबिक चेतन चौधरी और सिया गोयल की पहली मुलाकात पुणे में आयोजित एक दिवाली पार्टी के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बढ़ता गया। बताया जा रहा है कि सिया बेकरी का व्यवसाय करती थी, जबकि चेतन अपने परिवार के ड्राई फ्रूट्स कारोबार से जुड़ा था। समान कारोबारी परिवेश और लगातार मुलाकातों के चलते दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। जांच एजेंसियां दोनों के बीच हुई बातचीत और मुलाकातों की भी पड़ताल कर रही हैं।

घटना वाले दिन 10 घंटे से ज्यादा ऑफलाइन रहा चेतन

डिजिटल जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच अधिकारियों के अनुसार घटना वाले दिन चेतन चौधरी लगभग 640 मिनट यानी करीब 10 घंटे 40 मिनट तक इंटरनेट नेटवर्क से पूरी तरह दूर रहा। बताया गया कि उसने सुबह लगभग 7 बजे मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था और शाम करीब 5:40 बजे तक ऑनलाइन नहीं आया। पुलिस इस डिजिटल गतिविधि को मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर तकनीकी विश्लेषण कर रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके।

दोनों आरोपियों के बयान अलग-अलग, पुलिस कर रही जांच

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों के बयान एक-दूसरे से अलग बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार चेतन ने दावा किया है कि वह सिया के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहता था, जबकि सिया ने सामाजिक बदनामी के डर से अलग रास्ता अपनाने से इनकार किया। दूसरी ओर सिया ने अपने बयान में हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार करते हुए चेतन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों के बयानों का तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मिलान कर रही है।

पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को ट्रैकिंग के बहाने लोहागढ़ किले क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हुई। पुलिस का आरोप है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

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Stv News Rajasthan

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