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राजस्थान कांग्रेस में दो पूर्व विधायकों की ‘घर वापसी’ पर ब्रेक, अंदरूनी विरोध से अटकी राह

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में दो पूर्व विधायकों खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की पार्टी में वापसी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दोनों नेता 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस से अलग राह पर चले गए थे। मंगलवार को दोनों के जयपुर स्थित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के वॉर रूम पहुंचने और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद उनकी ‘घर वापसी’ की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, पार्टी के अंदर और स्थानीय स्तर पर विरोध के चलते फिलहाल उनकी औपचारिक वापसी पर अंतिम फैसला टलता नजर आ रहा है।

डोटासरा से मुलाकात के बाद बढ़ी वापसी की चर्चा

खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना ने पीसीसी वॉर रूम पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने कांग्रेस के साथ दोबारा काम करने की इच्छा जताई। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की अनुशासन समिति की ओर से दोनों की वापसी को लेकर सहमति मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद माना जा रहा था कि जल्द ही दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया जा सकता है। लेकिन स्थानीय स्तर पर सामने आए विरोध ने इस प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है।

स्थानीय नेताओं की नाराजगी बनी वापसी में बड़ी अड़चन

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं की वापसी को लेकर संबंधित क्षेत्रों में पार्टी के कुछ नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी है। विराटनगर में पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना की वापसी का विरोध कांग्रेस नेता इंद्राज गुर्जर और उनके समर्थकों की ओर से किए जाने की बात सामने आई है। वहीं खिलाड़ी लाल बैरवा की वापसी को लेकर धौलपुर और बसेड़ी क्षेत्र में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय जाटव तथा उनके समर्थकों की नाराजगी की चर्चा है। पार्टी नेतृत्व स्थानीय नेताओं को साथ लेकर ही आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, ताकि वापसी के बाद संगठन में नया विवाद खड़ा न हो।

खिलाड़ी लाल बैरवा का कांग्रेस से भाजपा और फिर अलग होने तक का सफर

खिलाड़ी लाल बैरवा की राजनीतिक यात्रा पिछले कुछ वर्षों में कई मोड़ से गुजरी है। 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर बागी रुख अपनाया था। इसके बाद मार्च 2024 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि करीब चार महीने बाद जुलाई 2024 में बैरवा ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उस समय अपनी विचारधारा के भाजपा से मेल नहीं खाने की बात कही थी। अब कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात के बाद उनके दोबारा पार्टी में लौटने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

रामचंद्र सराधना ने भी बदली थी राजनीतिक राह

विराटनगर के पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना भी 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी का दामन थामा और उसी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। चुनाव के बाद अब सराधना की कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं। डोटासरा से उनकी मुलाकात को भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी में उनकी औपचारिक वापसी को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।

नाराज धड़ों को साधने के बाद ही होगा अंतिम फैसला

पार्टी की अनुशासन समिति से वापसी को लेकर हरी झंडी मिलने की चर्चा के बावजूद स्थानीय स्तर पर सहमति बनाना प्रदेश नेतृत्व के लिए चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि संबंधित जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के प्रभावशाली नेताओं को भरोसे में लेकर ही दोनों पूर्व विधायकों की वापसी कराई जाए। माना जा रहा है कि निकाय और आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी किसी नए अंदरूनी विवाद का जोखिम नहीं लेना चाहती। ऐसे में खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की आधिकारिक ‘घर वापसी’ कब होगी, यह स्थानीय नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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Stv News Rajasthan

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