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बडोली सरपंच सीट के ST आरक्षण पर ग्रामीणों की आपत्ति, कलेक्टर से संशोधन की मांग

अलवर के लक्ष्मणगढ़ उपखंड क्षेत्र की बडोली ग्राम पंचायत के ग्रामीण शनिवार को आरक्षण को लेकर जिला कलेक्टर से मिलने मिनी सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने पंचायत राज संस्थाओं के लिए हाल ही में हुई आरक्षण लॉटरी में सरपंच पद को अनुसूचित जनजाति यानी ST वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत क्षेत्र में ST वर्ग का कोई परिवार नहीं है, जबकि OBC वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर आरक्षण में आवश्यक संशोधन की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

सरपंच पद ST वर्ग के लिए आरक्षित होने पर आपत्ति

ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में हुई आरक्षण लॉटरी में बडोली ग्राम पंचायत के सरपंच पद को ST वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। ग्रामीणों ने इसी आरक्षण को लेकर जिला प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।ग्रामीण असलम ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में ST वर्ग का एक भी परिवार नहीं होने का उनका दावा है। ऐसे में ग्रामीण आरक्षण की प्रक्रिया और उसके आधार की जांच की मांग कर रहे हैं।

OBC मतदाताओं की संख्या अधिक होने का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि बडोली ग्राम पंचायत में OBC वर्ग के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। उनका दावा है कि पंचायत की सामाजिक संरचना को देखते हुए वर्तमान आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।हालांकि, आरक्षण की वैधानिक स्थिति और पात्रता का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर ही होगा।

पंचायत समिति डायरेक्टर सीट पर भी ST आरक्षण

ग्रामीणों ने बताया कि बडोली क्षेत्र में पंचायत समिति डायरेक्टर की सीट भी ST वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। ग्रामीणों ने दोनों आरक्षणों को लेकर जिला प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति रखी।ग्रामीणों का कहना है कि लगातार दो पदों के ST आरक्षण को लेकर स्थिति की जांच जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से आरक्षण के प्रावधानों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की समीक्षा करने की मांग की है।

मिनी सचिवालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

आरक्षण को लेकर अपनी मांग रखने के लिए ग्रामीण शनिवार को अलवर के मिनी सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की।ग्रामीणों ने प्रशासन से आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया और संबंधित आंकड़ों की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों के अनुसार संशोधन की जरूरत है तो उसे समय रहते किया जाए।

आरक्षण संशोधन की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच के बाद सरपंच पद का आरक्षण नियमानुसार सामान्य श्रेणी में किया जाता है, तो पंचायत के अन्य स्थानीय ग्रामीणों को भी चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकेगा।फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरक्षण के नियमों के अनुसार आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है। अब इस मामले में जिला प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी।

प्रशासन की जांच के बाद साफ होगी स्थिति

बडोली ग्राम पंचायत के आरक्षण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति के बाद अब संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और आरक्षण के नियमों की जांच महत्वपूर्ण होगी। ST आरक्षण किस आधार पर तय किया गया, इसकी जानकारी सामने आने के बाद ही विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।ग्रामीणों ने अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है। अब जिला प्रशासन की जांच और निर्णय के बाद ही बडोली ग्राम पंचायत के सरपंच पद के आरक्षण की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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Stv News Rajasthan

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