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राजस्थान: भाजपा-आरएलपी टकराव, कुचामन में काले झंडे, 9 कार्यकर्ता हिरासत में

मुख्य सारांश: सड़क पर उतरी राजनीतिक दुश्मनी


राजस्थान की राजनीति में भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बीच बढ़ता तनाव अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। नागौर जिले के कुचामन सिटी में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे के दौरान आरएलपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और 9 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। यह घटना भेराना धाम विवाद और आपसी बयानबाजी के बीच घटी है, जो दोनों दलों के बीच गहरी राजनीतिक खाई को उजागर करती है।

कुचामन में उबला राजनीतिक माहौल


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ शुक्रवार को कुचामन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही वहां मौजूद आरएलपी समर्थकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराते हुए अपनी नाराजगी जताई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ को कार्यक्रम स्थल से हटाया और 9 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।


भेराना धाम विवाद: टकराव की जड़


भाजपा और आरएलपी के बीच हाल के दिनों में तीखी बयानबाजी का मुख्य कारण भेराना धाम से जुड़ा विवाद बना हुआ है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर धार्मिक आस्था के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि वह साधु-संतों की मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि आरएलपी इसे स्थानीय जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रही है। इस विवाद ने दोनों पार्टियों के बीच की दूरियों को और बढ़ा दिया है और अब यह टकराव सार्वजनिक मंचों तक सीमित न रहकर सड़क संघर्ष का रूप ले रहा है।


ज्योति मिर्धा का बेनीवाल पर हमला


भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने आरएलपी संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर सीधा हमला बोला है। मिर्धा ने आरोप लगाया कि आरएलपी धार्मिक मुद्दों को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने बेनीवाल की भाषा शैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा में उनका कोई विधायक नहीं होने के बावजूद वे मुख्यमंत्री की भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं। मिर्धा ने जोर देकर कहा कि राजनीति में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन मर्यादा और गरिमा बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।


भाजपा का संगठनात्मक पलटवार


भाजपा के नागौर जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया ने भी आरएलपी पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया है कि हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ सार्वजनिक मंच से अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। पोटलिया ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन भाषा की गरिमा का ध्यान रखना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी भाषा राजनीतिक संस्कृति को क्षति पहुंचाती है। भाजपा संगठन अब इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और आरएलपी के खिलाफ जनमानस में अपनी बात रखने की तैयारी कर रहा है।

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