चापलूसी और परिक्रमा की राजनीति पर राहुल गांधी का प्रहार, बोले- मेहनत से मिलेगा सम्मान
राजस्थान के पुष्कर में आयोजित कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के समापन अवसर पर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन में आगे बढ़ने का रास्ता चापलूसी या नेताओं की परिक्रमा नहीं, बल्कि मेहनत और जमीनी काम से होकर जाता है। प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन उन्होंने एक प्रतीकात्मक नाटक के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संगठनात्मक मूल्यों का महत्व समझाया।
नाटक के जरिए दिया बड़ा राजनीतिक संदेश
शिविर के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न भूमिकाएं निभाने के लिए कहा। कुछ नेताओं को टिकट की चाह रखने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका दी गई, जबकि अन्य को वरिष्ठ नेताओं के आसपास घूमते और उनकी प्रशंसा करते हुए दिखाया गया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य यह बताना था कि व्यक्तिगत चापलूसी और गुटबाजी की संस्कृति संगठन को कमजोर करती है। राहुल गांधी ने संकेत दिया कि कांग्रेस को इस सोच से बाहर निकलकर योग्यता और काम के आधार पर नेतृत्व तैयार करना होगा।
संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के बीच सक्रिय रहने वाले और लगातार मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को ही आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनका मानना था कि यदि संगठन जनता की समस्याओं से जुड़ा रहेगा, तभी पार्टी का आधार मजबूत होगा और चुनावी सफलता हासिल की जा सकेगी।
कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली की तुलना
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सादगी, सेवा और समर्पण के सिद्धांतों पर आधारित है। उनके अनुसार पार्टी को ऐसे मूल्यों को मजबूत करना चाहिए जो समाज में समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा दें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का साधन मानना चाहिए।
विराट कोहली की मेहनत का दिया उदाहरण
राहुल गांधी ने भारतीय क्रिकेटर Virat Kohli का उदाहरण देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने बताया कि कोहली ने अपनी उपलब्धियां लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर हासिल की हैं। इसी तरह राजनीति में भी केवल परिश्रम और जनता के बीच काम करने वाले लोगों को ही लंबे समय तक सम्मान और सफलता मिलती है।
जिला अध्यक्षों को दी जिम्मेदारी की सीख
शिविर के समापन पर राहुल गांधी ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को संगठन के प्रति जवाबदेही और जिम्मेदारी का एहसास कराया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। उनका संदेश साफ था कि कांग्रेस में भविष्य उन्हीं नेताओं का होगा जो जनता के बीच काम करेंगे, संगठन को मजबूत करेंगे और पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाएंगे।