राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, नंदकिशोर गुर्जर बोले- ‘लोग गंभीरता से नहीं लेते’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को तथ्यों और संसदीय मर्यादा के अनुरूप अपनी बात रखनी चाहिए। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उन पर निशाना साधा।
नंदकिशोर गुर्जर का राहुल गांधी पर हमला
उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोग राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते। गुर्जर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी कई बार मंच और विषय के अनुरूप भाषण नहीं देते, जिसके कारण उनके बयान चर्चा का विषय बन जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिनकी देशभर में चर्चा होती रही है।
गृह मंत्री के कामकाज का किया उल्लेख
नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि अमित शाह के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 हटाने जैसे बड़े फैसले लिए गए और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई कदम उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आतंकवाद तथा नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उनके अनुसार, इन्हीं कारणों से गृह मंत्री की कार्यशैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
शशांक मणि त्रिपाठी बोले- तथ्यों के साथ रखें बात
भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष को सार्वजनिक मंच पर बोलते समय तथ्यों और साक्ष्यों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में भाषा और मर्यादा का पालन लोकतांत्रिक परंपराओं का हिस्सा है। उनके अनुसार, बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाने से राजनीतिक बहस का स्तर प्रभावित होता है।
राहुल गांधी के बयान के बाद बढ़ी सियासी बहस
राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए थे और छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उनके बयान पर आपत्ति जताई और इसे तथ्यों से परे बताया। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।