पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी का देसी अंदाज, हाथ में लाठी-छाता लेकर हांकी बकरियां
बूंदी। राजस्थान के बूंदी जिले से पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का एक अलग अंदाज सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सैनी ग्रामीण पशुपालकों के बीच सड़क किनारे बकरियां हांकते नजर आ रहे हैं। सिर पर साफा, हाथ में लाठी और दूसरे हाथ में छाता लिए उनका यह सहज अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। बताया जा रहा है कि नैनवां क्षेत्र में एक शोक कार्यक्रम से लौटते समय उन्होंने पशुपालकों को देखा और अपना वाहन रुकवाकर उनके बीच पहुंच गए। बारिश के बीच वे कुछ देर पशुपालकों के साथ चले और उनकी समस्याएं भी जानीं।
शोक कार्यक्रम से लौटते समय पशुपालकों के बीच पहुंचे
बताया गया कि प्रभुलाल सैनी नैनवां क्षेत्र में प्रमोद जैन की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। कार्यक्रम से लौटते वक्त नैनवां-आंवा मार्ग पर उनकी नजर सड़क किनारे मौजूद भेड़-बकरी पालकों पर पड़ी। सैनी ने अपना वाहन रुकवाया और सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने पशुपालकों से बातचीत की और उनके हालचाल जाने। कुछ देर बाद वे उनके साथ बकरियां हांकते हुए भी नजर आए। पूर्व मंत्री का यह सहज व्यवहार आसपास मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया और किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
बारिश में छाता और लाठी लेकर बकरियां हांकते दिखे
पशुपालकों के बीच बातचीत के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। इसके बाद प्रभुलाल सैनी एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में लाठी लेकर ग्रामीणों के साथ चलते दिखाई दिए। वायरल वीडियो में वे सड़क किनारे बकरियों को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। उनका पहनावा और अंदाज भी पूरी तरह ग्रामीण परिवेश से जुड़ा दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में पूर्व मंत्री को बिना किसी औपचारिकता के ग्रामीणों के बीच समय बिताते देखा जा सकता है। इसी सहजता के कारण यह वीडियो लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
पशुपालकों से जानी खेती और पशुपालन की स्थिति
ग्रामीणों के साथ बातचीत के दौरान सैनी ने पशुपालन और खेती से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने बारिश के मौसम में भेड़-बकरियों को होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने किसानों से फसल की स्थिति, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में भी जानकारी ली। किसानों से किसान सम्मान निधि को लेकर भी बातचीत हुई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है, लेकिन बारिश और फसल की स्थिति को लेकर कई जगह चिंता बनी हुई है।
पूर्व मंत्री को बकरियां हांकते देख भावुक हुए ग्रामीण
प्रभुलाल सैनी को इस तरह अपने बीच देखकर कुछ पशुपालक भावुक भी नजर आए। बकरी पालक शिवराज धाकड़ ने बताया कि उन्होंने पूर्व मंत्री को पहले टीवी और अखबारों में देखा था, लेकिन उनके साथ खड़े होकर बकरियां हांकते देखना उनके लिए अलग अनुभव रहा। ग्रामीणों का कहना था कि जनप्रतिनिधि जब सीधे गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं तो आम लोगों का उनसे जुड़ाव मजबूत होता है। कुछ पशुपालकों ने सैनी के पूर्व कार्यकाल के दौरान पशुपालन से संबंधित योजनाओं और कामों को भी याद किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूर्व मंत्री का देसी अंदाज
प्रभुलाल सैनी का ग्रामीणों के बीच बकरियां हांकते हुए वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर लोग उनकी सादगी और ग्रामीणों के साथ सहज व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं। आमतौर पर नेता सार्वजनिक मंचों और राजनीतिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं, लेकिन इस वीडियो में पूर्व मंत्री बिल्कुल अलग भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किसी घटना के व्यापक राजनीतिक अर्थ निकालने के बजाय इसे ग्रामीणों के बीच उनके सहज संवाद और पशुपालकों से मुलाकात के रूप में देखा जा सकता है।