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पंचायत-निकाय चुनाव पर सियासत तेज, OBC मुद्दे पर कांग्रेस का आंदोलन, भाजपा बोली- चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हाईकोर्ट में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई जारी है। इसी बीच कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण को मुद्दा बनाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, जबकि भाजपा का कहना है कि चुनाव कराने का फैसला राज्य निर्वाचन आयोग करेगा और पार्टी हर समय चुनाव के लिए तैयार है।

OBC आरक्षण को लेकर कांग्रेस का आंदोलन

राजस्थान कांग्रेस ने पंचायत और निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस के ओबीसी विभाग ने प्रदेशभर में आंदोलन की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। पार्टी का कहना है कि आरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कराना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई है।

भाजपा का जवाब- चुनाव आयोग करेगा फैसला

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव की तारीख तय करना पूरी तरह राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सरकार या पार्टी चुनाव कार्यक्रम तय नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद निर्वाचन आयोग आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा और उसी आधार पर चुनाव की घोषणा होगी। भाजपा ने कहा कि पार्टी किसी भी समय चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।

‘ओबीसी समाज कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगा’

भाजपा का कहना है कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए ओबीसी समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। मदन राठौड़ ने दावा किया कि ओबीसी समाज वास्तविक स्थिति को समझता है और विपक्ष के आरोपों में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही समय पर चुनाव कराने के पक्ष में रही है और आयोग जैसे ही कार्यक्रम घोषित करेगा, पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतर जाएगी।

चुनावी प्रदर्शन का हवाला देकर भाजपा का पलटवार

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब अपने हालिया चुनावी प्रदर्शन का हवाला देकर दिया। पार्टी का दावा है कि राज्य में सरकार बनने के बाद हुए अधिकांश पंचायत और निकाय चुनावों में भाजपा को सफलता मिली है। साथ ही विधानसभा उपचुनावों में भी बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि हार के डर का आरोप पूरी तरह निराधार है और कांग्रेस जनता का जनादेश स्वीकार नहीं कर पा रही।

हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी सबकी नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव का पूरा घटनाक्रम अब न्यायिक प्रक्रिया और ओबीसी आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। हाईकोर्ट की सुनवाई, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग के अगले फैसले के बाद ही चुनाव कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।

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