पाटन भूस्खलन में उजड़ गया पूरा परिवार, गर्भवती पत्नी रह गई अकेली
महाराष्ट्र के पुणे जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पाटन गांव में हुए भूस्खलन ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। मलबे में दबने से 25 वर्षीय युवक और उसके माता-पिता की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार में जल्द बच्चे के जन्म की खुशियां आने वाली थीं, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। गर्भवती पत्नी गांव से बाहर होने के कारण इस हादसे में बच गई।
एक साल पहले हुई थी शादी, आने वाला था नया मेहमान
मावल तालुका के पाटन गांव निवासी ज्ञानेश्वर टिकोने की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी। परिवार में नए सदस्य के आगमन की तैयारियां चल रही थीं, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती हैं। गर्भावस्था के चलते उन्हें कुछ दिन पहले मालवली स्थित एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। इसी वजह से उनकी जान बच गई, जबकि ज्ञानेश्वर अपने माता-पिता के साथ गांव में ही मौजूद थे और भूस्खलन की चपेट में आ गए।
पहाड़ी से मलबा गिरा, देखते ही देखते ढह गया मकान
सोमवार तड़के करीब साढ़े चार बजे विसापुर किले की तलहटी में स्थित पाटन गांव में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गिरीं। टिकोने परिवार का घर सीधे मलबे की चपेट में आ गया और कुछ ही क्षणों में पूरी तरह ढह गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक घर पूरी तरह मलबे में दब चुका था।
कई घंटों तक चला रेस्क्यू, तीनों शव निकाले गए
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, लोनावला ग्रामीण पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोपहर तक ज्ञानेश्वर टिकोने, उनके पिता नंदू टिकोने और मां अनीता टिकोने के शव बाहर निकाले गए। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारी बारिश से महाराष्ट्र में बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण पुणे जिले के कई इलाकों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन के अनुसार, पिछले दो दिनों में जिले में 22 स्थानों पर ऐसे हादसे हुए हैं। इनमें अब तक पांच लोगों की मौत, करीब 20 लोग घायल और 30 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। एहतियात के तौर पर 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मावल तालुका में सबसे अधिक 237.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे हालात और गंभीर हो गए।