मुख्य शीर्षक: कांवड़ यात्रा 2026: राजस्थान पुलिस की सख्त चेतावनी, त्रिशूल और डीजे पर लगेगी गाज, जारी हुई विशेष एडवाइजरी
सावन माह की पावन कांवड़ यात्रा की शुरुआत के साथ ही राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त कर लिया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर एडीजी वी.के. सिंह द्वारा सभी जिलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पड़ोसी राज्यों के समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पुलिस ने यात्रियों से वैध पहचान पत्र साथ रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सख्त अपील की है।
प्रतिबंधित वस्तुओं और नशे पर जीरो टॉलरेंस
राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। यात्रियों के साथ हॉकी स्टिक, डंडे, त्रिशूल, फरसा, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार के हथियार एवं नुकीली वस्तुएं ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। इसके अतिरिक्त, यात्रा के मार्ग में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन या परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज वाले डीजे बजाने और धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गानों के प्रसारण पर पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एक्सप्रेस-वे पर आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध और यातायात नियम
यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की पैदल या किसी भी वाहन से आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालुओं को केवल पुलिस द्वारा निर्धारित वैकल्पिक कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मालवाहक वाहनों में यात्रियों के अवैध परिवहन को गंभीर यातायात उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर यातायात जाम से निपटने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
24×7 सोशल मीडिया निगरानी और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया
किसी भी अवांछित घटना या अफवाह पर तुरंत लगाम लगाने के लिए राजस्थान पुलिस ने 24 घंटे सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया है। भ्रामक वीडियो या अफवाहों पर तत्काल नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर जिला पुलिस स्तर से तथ्यात्मक जानकारी तुरंत सार्वजनिक की जाएगी। इसके साथ ही, फील्ड में तैनात अधिकारियों को किसी भी वाहन टकराव, पार्किंग विवाद या छोटी-मोटी घटना की सूचना मिलने पर 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिससे यात्रा पूर्णतः शांतिपूर्ण रहे।